सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना पक्ष और ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कल गुरुवार १२ मार्च को सुनवाई होने वाली है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली खंडपीठ के समक्ष शिवसेना का यह मामला कार्यसूची में ४०वें क्रमांक पर सुनवाई के लिए निर्धारित किया गया है। पिछले तीन वर्षों से चल रही इस महत्वपूर्ण सुनवाई में अदालत क्या फैसला देती है, इस पर राजनीतिक हलकों के साथ-साथ पूरे महाराष्ट्र की नजरें टिकी हुई हैं।
शिवसेना से अलग हुए शिंदे गुट को पार्टी का नाम और ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न देने के केंद्रीय चुनाव आयोग के वर्ष २०२२ के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस संबंध में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने याचिका दायर की है। नवंबर में हुई पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया था कि अंतिम दलीलें सुनने के लिए अगली सुनवाई तय की जाएगी। जनवरी में समय के अभाव के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब कल अदालत दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनेगी या नहीं, इस पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं। शिवसेना के इस मामले में ‘पार्टी विभाजन’ से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी वजह से राज्य की जनता के साथ-साथ देश के राजनीतिक हलकों का ध्यान भी इस सुनवाई पर केंद्रित है।
