मुख्यपृष्ठस्तंभतड़का :  मैंग्रोव पार्क...नई पहल

तड़का :  मैंग्रोव पार्क…नई पहल

कविता श्रीवास्तव

मुंबई महानगर के पश्चिमी उपनगर स्थित गोराई में देश का पहला समर्पित मैंग्रोव पार्क तैयार हो चुका है और अब इसके उद्घाटन की प्रतीक्षा है। यह परियोजना पर्यटन के साथ पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मैंग्रोव्ज के पौधे समुद्री तटों की रक्षा, जैव विविधता के संरक्षण और जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसीलिए यह पार्क पर्यावरण की दृष्टि से दूरदर्शी पहल है। इस परियोजना की शुरुआत आदित्य ठाकरे के कार्यकाल में हुई थी। वे २०१९ से २०२२ में तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार में पर्यावरण मंत्री थे। उनके कार्यकाल में मैंग्रोव संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई। उनके नेतृत्व में वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम ने मात्र ११ महीनों के भीतर लगभग १५,००० हेक्टेयर मैंग्रोव क्षेत्र को भारतीय वन अधिनियम के अंतर्गत संरक्षण प्रदान किया। इसी दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए गोराई में इस अनूठे मैंग्रोव पार्क की कल्पना साकार हुई। करीब ३३.४३ करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह पार्क लगभग आठ हेक्टेयर क्षेत्र में पैâला हुआ है। महाराष्ट्र वन विभाग के मैंग्रोव प्रकोष्ठ ने इसे पूरा किया। पार्क का एक आकर्षक यहां बना ७५० मीटर लंबा ऊंचा लकड़ी का पैदल मार्ग है जो पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों से ही तैयार किया गया है, ताकि नीचे मौजूद मैंग्रोव को नुकसान न पहुंचे। यह घुमावदार मार्ग प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कराते हुए गोराई क्रीक के मनमोहक दृश्य वाले एक दर्शनीय स्थल तक जाता है। जहां से प्रकृति का शांत और संतुलित स्वरूप दिखता है। पार्क में १८ मीटर ऊंचा एक वॉच टावर है, जो पक्षीप्रेमियों को आकर्षित करेगा। यहां से वृक्षों की शाखाओं पर स्थित स्थानीय और प्रवासी पक्षी सहजता से दिखाई देंगे। पार्क के भीतर दो मंजिला प्रकृति व्याख्या केंद्र भी है, जो पर्यावरण शिक्षा का प्रमुख केंद्र होगा। इस केंद्र में प्रदर्शनी पैनल, जानकारीपूर्ण सामग्री और एक छोटी लाइब्रेरी की व्यवस्था भी है, ताकि विद्यार्थी, शोधकर्ता और प्रकृति के प्रति जिज्ञासा रखने वाले लोग मैंग्रोव्ज के महत्व को समझ सकें। पार्क में रूफटॉप वैâफे और प्रकृति-आधारित स्मृति वस्तुओं की दुकान भी है। इससे यहां आने वाले लोग न केवल प्रकृति के बीच समय बिता सकेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी बहुत करीब से महसूस कर पाएंगे। हालांकि, इस पार्क का निर्माण पिछले वर्ष ही पूरा हो चुका है और इसके उद्घाटन के लिए कई तिथियां भी घोषित की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक यह आम नागरिकों के लिए नहीं खोला गया है। शहर के पर्यावरण प्रेमी और प्रकृति से जुड़ाव रखने वाले लोग इसके जल्द उद्घाटन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। खुद आदित्य ठाकरे ने भी राज्य के पर्यावरण मंत्री को इस बारे में पत्र लिखकर इसे आम नागरिकों के लिए फौरन खोलने का आग्रह किया है। यह तय है कि यह पार्क न केवल मुंबईवासियों को प्रकृति के करीब लाएगा, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम भी बनेगा।

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