सुरेश गोलानी
गर्मियों के आते ही पानी की खपत भी बढ़ रही है और उसी तेजी से सड़कों पर दौड़ने वाले बेलगाम टैंकरों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। मीरा-भायंदर शहर भी इससे अछूता नहीं है। शहर की सड़कों पर सरेआम बिना किसी डर के तेज रफ्तार (ओवर स्पीडिंग) पानी के टैंकर्स हर दिन किसी बढ़े हादसे को न्योता देकर नागरिकों खासकर पैदल यात्रियों और बाइक सवारों की जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं।
तमाम अनफिट ड्राइवर्स कभी गुटखे, तंबाकू के नशे में तो कभी शराब के नशे में धुत होकर बिना किसी सहायक (क्लीनर) की मौजूदगी में, बेखौफ होकर राजनैतिक रसूख रखने वाले अपने आकाओं (टैंकर माफिया) के बल पर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, मानो उनकी नजर में किसी की जान की कोई कीमत ही नहीं बची हो। यही नहीं लोगों के साथ दादागीरी करना, और अभद्रता से पेश आना और ब्लैकमेलिंग करना, इनका रोजाना काम है। सरकार द्वारा हाल ही में जारी अधिसूचना के अनुसार, एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम और ३६० डिग्री वैâमरों जैसे आधुनिक सेफ्टी फीचर्स से लैस भारी मालवाहक वाहनों के चालकों को सहायक की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यह छूट आम टैंकर्स को नहीं है। यातायात पुलिस का दावा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ट्रक, डंपर और टैंकरों पर नियमित रूप से कार्यवाही की जाती है, पर सच्चाई तो यह है कि शहर के अधिकतर डंपर, ट्रक और टैंकर अनफिट और कबाड़ होने के बावजूद लोगों की जान से खिलवाड़ करते हुए सिर्फ अनफिट ड्राइवर्स के भरोसे दौड़ रहे हैं। आरोप है कि ज्यादातर टैंकर मालिकों ने अपने निजी स्वार्थ के चलते बिना किसी पेशेवर प्रशिक्षण और पूर्व अनुभव रहित कम पगार वाले, संदिग्ध लोगों को ड्राइविंग सीट पर बैठा दिया है। जबकि टैंकर जैसी बड़ी और भारी गाड़ियां चलाने और उसके सही नियंत्रण हेतु उन्हें आम ड्राइवरों से ज्यादा सावधान और चौकस रहना होता है। प्रशासन को चाहिए कि इस पर नकेल कसे। मीरा-भायंदर के तमाम टैंकर्स और डंपर्स की जांच करे, उनके किलनर्स और ड्राइवर्स की पड़ताल करे। अन्यथआ शहरवासियों पर बेखौफ खतरा मंडराता रहेगा। इस तरह की दर्जनों दुर्घटनाएं अक्सर टैंकर / ट्रक चालकों की लापरवाही, अत्यधिक गति और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण हो चुकी है और इसे रोकने हेतु यातायात पुलिस और आरटीओ को सख्त कदम उठाने चाहिए।
पिछले कुछ वर्षों में टैंकर चालकों की लापरवाही के कारण हुई दुर्घटनाओं में कई निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है तो कई बुरी तरह से घायल हुए हैं।
जून २०२४: हाईवे पर एक टैंकर ने दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी, जिसके कारण भायंदर-पूर्व मे रहने वाले दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
जुलाई २०२५: काशीमीरा में ट्रक की चपेट में आने से एक ३९ वर्षीय महिला को अपना बायां हाथ खोना पड़ा।
जून २०२५: मुंबई-अमदाबाद नेशनल हाईवे पर पुराने वर्सोवा ब्रिज की रेलिंग तोड़कर एक टैंकर भायंदर खाड़ी में गिर गया।
