रामदिनेश यादव / मुंबई
ईरान-इजराइल युद्ध का असर एलपीजी गैस की सप्लाई पर पड़ा है। देश में कई जगह एलपीजी प्लांट में कमर्शियल सिलेंडर का उत्पादन बंद हो गया है। इसका असर बच्चों को मिलने वाले भोजन पर भी पड़ा है। मुंबई के ७ लाख विद्यार्थियों को कल से ‘मिड- डे मील’ अर्थात प्रधानमंत्री पोषण आहार योजना के तहत मिलने वाला पौष्टिक आहार बंद हो गया। कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई नहीं होने से मनपा व अनुदानित स्कूलों के बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिल पाएगा। मुंबई में लगभग १६० संस्थाएं स्कूलों में पोषण आहार उपलब्ध कराती हैं। उनके पास अब खाना बनाने के लिए बिल्कुल भी गैस नहीं बची है। ऐसे में लगभग ९० प्रतिशत संस्थाएं काम बंद कर देंगी। ऐसी जानकारी कांग्रेस युवा नेता व पोषण आहार उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं के संगठक विजय कनौजिया ने दी।
मुंबई के लगभग एक हजार से अधिक स्कूलों में बच्चों तक भोजन पहुंचाया जाता है, जबकि राज्य में बच्चों का आंकड़ा डेढ़ करोड़ से अधिक है। राज्य के मुंबई, ठाणे, नई मुंबई, कल्याण सहित कुल २८ मनपाओं में पीएम पोषण आहार योजना शुरू है। मुंबई कांग्रेस ने सीएम देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मांग की है कि पीएम पोषण योजना से जुड़े सभी सेवा प्रदाताओं को तत्काल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों के भोजन में किसी तरह की रुकावट न आए।
संविधान देता है गारंटी
भोजन और पोषण का अधिकार, जीवन के अधिकार का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसकी गारंटी भारतीय संविधान देता है। विजय कनौजिया ने कहा कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो पूरे महाराष्ट्र में डेढ करोड़ से अधिक विद्यार्थियों का पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा प्रभावित हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी भाजपा सरकार को उठानी पड़ेगी। उन्होंने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर इस गंभीर समस्या का समाधान करने की अपील की है।
