सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई मनपा में इंजीनियरों के तबादलों का मामला अब बड़ा राजनीतिक विवाद बनता जा रहा है। एक तरफ मुख्यमंत्री ने इन तबादलों पर रोक लगा रखी है, दूसरी तरफ महापौर ने प्रशासन को पत्र लिखकर इन्हें लागू करने का आदेश दे दिया है। अब सीएम फडणवीस के आदेश को ठेंगा दिखाकर नए आदेश देने वाली महापौर रितु तावड़े के इस कदम के चलते मनपा में असमंजस की स्थिति बन गई है।
महापौर के इस आदेश के बाद राज्य और मनपा के भीतर ही खींचतान खुलकर सामने आ गई है। असल में मनपा में सहायक अभियंता और उप अभियंता पदों पर बड़ी संख्या में तबादले किए गए थे। ये तबादले प्रशासक काल में किए गए थे, लेकिन इन पर अनियमितता के आरोप लगे। शिकायतें मिलने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हस्तक्षेप करते हुए इन तबादलों के क्रियान्वयन पर अस्थायी रोक लगा दी थी। मुख्यमंत्री के इस आदेश के बाद पूरी प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया था। मुख्यमंत्री की रोक अभी भी लागू है, लेकिन इसी बीच महापौर ने अतिरिक्त आयुक्त को पत्र भेजकर तबादलों को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दे दिया। उन्होंने म्युनिसिपल इंजीनियर यूनियन के ज्ञापन का हवाला देते हुए नियमों के अनुसार, तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। अब स्थिति यह बन गई है कि एक तरफ मुख्यमंत्री का स्थगन आदेश है और दूसरी तरफ महापौर के क्रियान्वयन का निर्देश। इन दोनों आदेशों के बीच पालिका प्रशासन फंस गया है और अधिकारियों में भारी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
