धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी नियम २०२५ की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। सरकारी प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर पेट्रोल पर चलने वाली बाइक टैक्सियां बेखौफ दौड़ रही हैं। आलम यह है कि ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियां नियमों को धता बताकर सेवाएं जारी रखे हुए हैं। परिवहन विभाग ने कार्रवाई करते हुए राज्यभर में ९३० बाइक टैक्सियों पर शिकंजा कसते हुए २३.३७ लाख रुपयों का जुर्माना ठोका है। साथ ही कंपनियों के खिलाफ २० मामले दर्ज किए हैं। इसके बावजूद सड़कों पर अवैध बाइक टैक्सी का खेल थमता नजर नहीं आ रहा। विधानपरिषद में तारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में खुद परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने यह कब्ाुला है। साथ ही उन्होंने कहा है कि आगे भी जांच और ऑनलाइन सत्यापन व्यवस्था मजबूत कर ऐसे उल्लंघनों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर बनाए गए महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम-२०२५ के जमीन पर क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं। सदन में लिखित तौर पर उठे मुद्दे के बाद सामने आए सरकारी जवाब ने ही व्यवस्था की पोल खोल दी है। नियमों के मुताबिक, राज्य में बाइक टैक्सी सेवा शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों से ही चलनी चाहिए। लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर ओला, उबर और रैपिडो से जुड़ी पेट्रोल बाइक टैक्सियां धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ती नजर आ रही हैं। इस मामले को लेकर लिखित सवालों के जरिए विधान परिषद के सदस्य विधायक चित्रा वाघ, प्रसाद लाड और प्रवीण दरेकर ने सरकार को घेरा और परिवहन विभाग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
सरकार ने किया स्वीकार
सदन में दिए गए लिखित उत्तर में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्वीकार किया कि नियमों के बावजूद कई स्थानों पर पेट्रोल बाइक के जरिए टैक्सी सेवा संचालित होने के मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि इस पर कार्रवाई के लिए सभी क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद मार्च से दिसंबर २०२५ के बीच राज्य भर में जांच अभियान चलाया गया, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की गई।
