सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई स्थित आईआईटी परिसर में एक छात्र के दोस्त के बैग से पांच जिंदा कारतूस बरामद होने की घटना सामने आने के बाद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले को लेकर विधान परिषद में विपक्ष ने महायुति सरकार को घेरते हुए गहन जांच की मांग की और पूछा कि देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के वैंâपस तक जिंदा कारतूस आखिर पहुंचे वैâसे। सरकार की ओर से बताया गया कि मामले में पवई पुलिस थाने में मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और बरामद कारतूसों को आगे की जांच के लिए कलीना स्थित फोरेंसिक प्रयोगशाला भेज दिया गया है। विपक्ष ने इस पूरे प्रकरण की जड़ तक जाकर इसके नेटवर्क को उजागर करने की मांग की है।
कांग्रेस विधायक भाई जगताप ने विधान परिषद में नियम ९३ के तहत इस मुद्दे की ओर सदन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि छात्रों के बीच हुए झगड़े के बाद जब सुरक्षा कर्मियों ने जांच की, तो बैग से शराब की बोतलें भी बरामद हुईं। इस मामले की कड़ियां बिहार के समस्तीपुर तक पहुंचने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि वहां के मुंगेर इलाके से ये कारतूस लाए गए थे। जगताप ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच की जाए।
बिहार से लाए गए थे कारतूस
मंत्री योगेश कदम ने कहा कि कारतूस को बिहार से लाए गए थे। इस मामले में जिससे लिए गए थे और जिसने बेचे गए थे उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया था। साथ ही इस मामले में जांच चालू है।
फोरेंसिक लैब भेजे गए कारतूस
सदन में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि इस मामले में आरोपी आईआईटी का ही छात्र है। उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने बताया कि उसने ही ये कारतूस बिहार से दूसरे आरोपी से लीए थे। इसके बाद उस दूसरे आरोपी को भी बिहार से गिरफ्तार किया गया है। बरामद कारतूस को आगे की जांच के लिए कलीना स्थित फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है।
केंद्र के अधीन आता है आईआईटी मुंबई
इसका जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने बताया कि मुंबई आईआईटी केंद्र सरकार के अधीन आता है। ऐसे में जांच के लिए केंद्र सरकार की अनुमति लेनी पड़ती है। फिलहाल, आईआईटी मुंबई ने यहां के हॉस्टल में छात्रों को अपने गेस्ट को रखने की अनुमति दे रखी है। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य का छात्र अपने दोस्त के साथ यहां रह रहा था। उसके पास से कारतूस बरामद हुए हैं।
