११०० मनपा स्कूलों में ७.५ लाख छात्रों के मिड-डे मील पर संकट
डॉक्टरों की कैंटीन पर भी छाया संकट
रेस्टोरेंट बंद और सिलिंडर ब्लैक में ३५०० तक
सामना संवाददाता / मुंबई
मिडल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब मुंबई की बुनियादी सेवाओं पर भी साफ दिखने लगा है। एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने से शहर में गैस संकट गहराता जा रहा है, जिसका सीधा असर मनपा के ११०० स्कूलों में पढ़नेवाले करीब ७.५ लाख विद्यार्थियों के मिड-डे मील पर पड़ने की आशंका है। दूसरी ओर कई रेस्टोरेंट और ढाबे गैस की कमी से बंद होने लगे हैं, जबकि सिलिंडरों की कालाबाजारी ३,५०० रुपए तक पहुंच गई है। हालात ऐसे हैं कि मुंबई के कुछ अस्पतालों के हॉस्टल में रहनेवाले रेजिडेंट डॉक्टरों की वैंâटीन भी गैस संकट की चपेट में आ गई है, जिससे शहर में आवश्यक सेवाओं पर भी दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि मनपा द्वारा संचालित स्कूलों में छात्रों को प्रतिदिन एक समय भोजन दिया जाता है। लेकिन एलपीजी की आपूर्ति बाधित होने से भोजन तैयार करने में मुश्किल आने की संभावना बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए मनपा शिक्षा समिति की अध्यक्ष राजश्री शिरवडकर ने प्रशासन से अस्थाई वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि जब तक गैस आपूर्ति सामान्य नहीं होती, तब तक छात्रों को फल और ड्राई प्रâूट उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बच्चों के पोषण पर असर न पड़े। दूसरी ओर मिड-डे मील उपलब्ध करानेवाली संस्थाओं ने भी मनपा प्रशासन को पहले ही संभावित संकट की चेतावनी दी है। इस मुद्दे पर शिरवडकर ने मनपा के अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकने के साथ बैठक की। ढाकने ने भरोसा दिलाया कि मिड-डे मील से जुड़ी संस्थाओं को गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी और आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित संस्थाओं की सूची मांगी गई है।
अस्पतालों में भी दिखने लगा असर
एलपीजी संकट का असर अब अस्पतालों में भी दिखाई देने लगा है। जेजे अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हॉस्टल में रहनेवाले रेजिडेंट डॉक्टरों की वैंâटीन में कमर्शियल गैस सिलिंडर मिलना मुश्किल हो गया है। वहीं केईएम अस्पताल में फिलहाल संकट नहीं है, क्योंकि वहां पाइपलाइन के माध्यम से पीएनजी गैस की आपूर्ति होती है। हालांकि, मार्ड के महासचिव अमर आगामे ने बताया कि हॉस्टल की एक वैंâटीन में सिर्फ दो दिन का ही गैस स्टॉक बचा है, जो चिंता का विषय है।
विशेष बैठक की मांग
कांग्रेस नेता और मनपा स्थायी समिति के सदस्य अशरफ आजमी ने इस मुद्दे पर महापौर रितु तावड़े को पत्र लिखकर विशेष बैठक बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि गैस संकट का असर आम नागरिकों, होटल उद्योग और स्कूलों की मिड-डे मील योजना पर पड़ रहा है, जिससे हजारों कामगारों और लाखों विद्यार्थियों पर संकट मंडरा रहा है।
मुंबई में ब्लैक में बिक रहे सिलिंडर
शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। जहां सामान्य कीमत १,७०० से १,९०० रुपए के बीच होती है, वहीं ब्लैक मार्वेâट में यह ३,५०० रुपए तक पहुंच गई है। होटल संचालकों ने सरकार से कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
