मुख्यपृष्ठग्लैमर...उनके दिल के करीब हो गई -दिशा झा

…उनके दिल के करीब हो गई -दिशा झा

दिग्गज फिल्मकार प्रकाश झा की बेटी दिशा झा कम उम्र से ही फिल्म निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं- निर्माण, कॉस्ट्यूम डिजाइन, रखरखाव और सहायक निर्देशन से जुड़ी रही हैं। रचनात्मक माहौल में पली-बढ़ीं दिशा ने अपने अनुभव से इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई है। हाल ही में अमेजन एमएक्स प्लेयर पर आई वेब सीरीज ‘संकल्प’ में वे निर्माता और कॉस्ट्यूम डिजाइनर की भूमिका निभा रही हैं। इस सीरीज में अनुभवी अभिनेता ‘नाना पालकर’ पटना के शिक्षक ‘मात साहब’ का प्रभावशाली किरदार निभाते हैं, जो छात्रों को बड़े पदों के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित करते हैं। पेश हैं, दिशा झा से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
यह प्रस्ताव कैसे पारित हुआ?
चाणक्य की नीति और गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित फिल्म की कहानी की प्रेरणा हमारे दिमाग में घूम रही थी। मेरे पिता ने उस कहानी के सूत्र को आधार बनाकर कहानी को और भी रोमांचक बना दिया। पिताजी ने नाना को कहानी सुनाई, नाना को कहानी और किरदार पसंद आए। जल्द ही नाना साहब और प्रकाश झा ने साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया।
पहले प्रकाश जी, वाई और पंचगनी में शूटिंग किया करते थे। क्या अब लोकेशन बदल गई है?
बहुत समय पहले वे महाबलेश्वर के पंचगनी में शूटिंग करते थे। उनकी फिल्म ‘गंगाजल’ की आखिरी शूटिंग भी वहीं हुई थी। उस समय मैं पंचगनी के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ती थी और पिता से मिलने की इच्छा रहती थी। बार-बार आने-जाने के कारण वह जगह उनके दिल के करीब हो गई, इसलिए उन्होंने लगभग ८-१० साल तक वहीं शूटिंग की। इसके बाद ‘आरक्षण’, ‘राजनीति’ और ‘चक्रव्यूह’ जैसी फिल्मों की शूटिंग भोपाल में हुई। इस साल बदलाव के लिए हमने ‘संकल्प’ की शूटिंग प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में की।
बड़े सितारों के साथ बड़ी चुनौतियां भी आती हैं। क्या आपने कभी ऐसी चुनौतियों का सामना किया है?
मैं बचपन से अपने पिता के साथ रहकर उनके काम को देखते हुए ही प्रोडक्शन सीखी। उनके प्रोजेक्ट्स में कई बड़े सितारे काम कर चुके हैं। पहली फिल्म ‘राजनीति’ के दौरान एक अभिनेता के कॉस्ट्यूम की फिटिंग में गड़बड़ी हो गई, जिससे दबाव बना। पिता की सलाह से मैंने संकट में काम संभालना सीखा।
मैंने सुना है कि नाना पाटेकर के साथ काम करना आसान नहीं है आपका अनुभव वैâसा रहा?
मैं बचपन से ही नाना पाटेकर से मिलती रही हूं, इसलिए वे परिवार जैसे लगते हैं। उनका मेरे पिता से भी गहरा रिश्ता है। सेट पर उनकी और प्रकाश सर की दोस्ती से माहौल सकारात्मक रहा। नाना सर बेहद सरल और सज्जन हैं, उन्हें बेवजह बदनाम किया गया है।
दिशा, आप अपनी मां (दीप्ति नवल) के बारे में क्या कुछ बता सकती हैं?
मेरी मां दुनिया की सबसे बेहतरीन अभिनेत्री हैं। मुझे उनकी कई फिल्में पसंद हैं। उन्होंने जितनी भी फिल्में की हैं, उनमें उनकी बराबरी कोई नहीं कर सकता। अभिनय में मेरी कभी रुचि नहीं रही, इसलिए यह मेरे लिए विकल्प नहीं था। मां ने शुरुआत में कहा था कि प्रोडक्शन मैनेजमेंट लड़की के लिए सही करियर नहीं है, लेकिन मैंने बचपन से यह काम देखा था। आत्मविश्वास के साथ मैंने कहा कि मैं यही करूंगी। धीरे-धीरे उन्होंने समझा और अब उन्हें मुझ पर गर्व है।

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