उमेश गुप्ता/वाराणसी
बढ़ती महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में हालिया वृद्धि के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को महंगाई के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल ने किया। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में 60 रुपये और कमर्शियल गैस सिलेंडर में 120 रुपये की वृद्धि ने आम जनता के साथ-साथ छोटे व्यापारियों की परेशानी भी बढ़ा दी है। होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड से जुड़े छोटे कारोबारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से चिंताजनक आंकड़े सामने आ रहे हैं। मुंबई में करीब 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं और लगभग 50 प्रतिशत तक बंद होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं तमिलनाडु में लगभग 10 हजार होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पंजाब और दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में हजारों छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।
कैलाश पटेल ने यह भी कहा कि गुजरात के मोरबी में लगभग 650 उद्योगों में से करीब 170 उद्योग बंद हो चुके हैं, जिससे करीब एक लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति के कारण देशभर में लगभग एक करोड़ लोगों के बेरोजगार होने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत में उपयोग होने वाली करीब 60 प्रतिशत एलपीजी का आयात किया जाता है, जिसका बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ हार्मुज़ के रास्ते आता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का भी ऊर्जा आपूर्ति पर प्रभाव पड़ रहा है। उनका आरोप था कि अमेरिका के दबाव में रूस से सस्ता तेल खरीदने में कमी करने के कारण देश को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
आप नेताओं ने आरोप लगाया कि गैस क्षेत्र में कुछ निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों के कारण कई स्थानों पर गैस की कीमतों में तीन गुना तक वृद्धि देखी जा रही है, जिसका सीधा बोझ आम जनता पर पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने अपनी प्रमुख मांगों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में की गई वृद्धि वापस लेने, पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए पारदर्शी नीति लागू करने, गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को गैस पर विशेष सब्सिडी देने तथा महंगाई पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट नीति घोषित करने की मांग की। इस अवसर पर अब्दुल्लाह खान, घनश्याम पांडेय, गुलाब सिंह राठौड़, पल्लवी वर्मा, शारदा टंडन, डॉ. अहिल्या, मोहिनी महेद्रु, आर.के. उपाध्याय, विनोद जायसवाल, सरोज शर्मा, प्रमोद श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह, राहुल द्विवेदी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
