सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
गनपतसहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना की सभी इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में संचालित सप्त दिवसीय विशेष शिविर के छठें दिन विविध स्वास्थ्य एवं बौद्धिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। दिन की शुरुआत प्रांगण की साफ सफाई एवं योगाभ्यास से हुई।
प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में हार्टफुलनेस संस्था के जोनल कॉर्डिनेटर डाॅ. डीके गुप्ता एवं उनकी टीम ने स्वयंसेवकों को योग और ध्यान के विषय में विस्तार से जानकारी दी तथा ध्यान के माध्यम से मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक सोच के महत्व को बताया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के भूतपूर्व कार्यक्रमाधिकारी डाॅ. आलोक तिवारी एवं डाॅ. विनय मिश्र ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से समाज सेवा, नेतृत्व क्षमता तथा व्यक्तित्व विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।
द्वितीय सत्र की शुरुआत सुपरिचित बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. सुधाकर सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राणा प्रताप महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डी. के. त्रिपाठी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सत्यदेव तिवारी एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अंग्रेज सिंह की उपस्थिति रही। इस सत्र की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। मुख्य अतिथि प्रो. डी.के. त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में मोबाइल के लाभ एवं हानि विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को मोबाइल का संतुलित एवं सार्थक उपयोग करने की सलाह दी। विशिष्ट अतिथि सत्यदेव तिवारी ने भी अपने प्रेरणादायक विचारों के माध्यम से स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ सुधाकर सिंह ने स्वयंसेवकों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा संतुलित जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया और साथ ही अपने माता पिता के प्रति पूर्ण समर्पण एवं आदर सम्मान देने की बात कही। इस अवसर पर एबीवीपी की टीम ने स्वयंसेवकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम संचालन कार्यक्रमाधिकारी डॉ विष्णु शंकर अग्रहरि ने किया। कार्यक्रम में डाॅ. शाहनवाज आलम, डाॅ. दीपा सिंह, डाॅ. देवेन्द्र मिश्र तथा डाॅ. भोलानाथ का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। विशेष शिविर के छठे दिन आयोजित इन स्वास्थ्य सतर्कता, बौद्धिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों से स्वयंसेवकों को ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त हुई तथा उनमें सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति नई चेतना का संचार हुआ। आज के कार्यक्रम में भूमि सिंह, शुभी, ज्वाला गुप्ता, निधि, खुशी शर्मा, सौम्या पाठक, नंदिनी, रोली,निश्चल, करण, दीपराज, कृष्णानंद, आदित्य, देवेंद्र, मनमोहित, आदि का विशेष योगदान रहा।
