सामना संवाददाता / मुंबई
देशभर में गैस सिलेंडर की कमी को लेकर चर्चा चल रही है। गैस की भारी किल्लत का राज्य में भी साइड इफेक्ट नजर आने लगा है। आलम यह है कि अब सिलेंडरों पर चोरों की भी नजर पड़ने लगी है। इसी क्रम में बुलढाणा के टीबी अस्पताल में चोर ने रसोईघर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसते हुए एलपीजी गैस से भरे १७ सिलेंडरों में से एक सिलेंडर चुरा ले गया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और अस्पताल प्रशासन भी सतर्क हो गया है। गैस के लिए एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं, वहीं अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान से हुई इस चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था और गैस आपूर्ति की अव्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, चोर ने अस्पताल के रसोईघर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वहां कुल १७ गैस सिलेंडर रखे हुए थे, जिनमें से एक भरा हुआ सिलेंडर चोर चुराकर ले गया। इसके अलावा रसोईघर में रखा कुछ अन्य सामान भी चोरी होने की जानकारी सामने आई है। गैस सिलेंडर की चोरी की खबर मिलते ही इलाके में चर्चा शुरू हो गई। इस घटना के बाद कुछ अस्पतालों के वैंâटीन संचालक भी सतर्क हो गए हैं और रात में सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता जताई जा रही है। इस बीच राज्य के कुछ हिस्सों में गैस आपूर्ति को लेकर अव्यवस्था की स्थिति होने की शिकायत भी नागरिकों द्वारा की जा रही है। धाराशिव जिले में प्रशासन की ओर से गैस का पर्याप्त भंडार होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन घर-घर सिलेंडर पहुंचाने की सेवा बंद होने के कारण नागरिकों को एजेंसी तक जाकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है। इससे कई जगह सुबह से ही एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
गैस की कमी नहीं होने का दावा
कुछ नागरिकों ने गैस वितरण में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि वितरण करने वाले कर्मचारी परिचित लोगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। एजेंसी खुलने से पहले ही सुबह सात बजे से लोग कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन की ओर से गैस की कमी नहीं होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन योजना और प्रबंधन में खामियों के कारण नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे गैस आपूर्ति की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
