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अमेरिकी राष्ट्रपति का बदलता रहता है इरादा …यूएस स्टेट डिपार्टमेंट के अफसरों का दावा ‘द डेली बीस्ट’ ने किया सनसनीखेज खुलासा

सामना संवाददाता / मुंबई
मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच अमेरिकी प्रशासन के अंदर से ही गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सरकार के कुछ अंदरूनी सूत्रों ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति स्पष्ट नहीं है। वे कन्फ्यूज हैं और लगातार उनकी रणनीति बदलती नजर आ रही है। समाचार पोर्टल ‘द डेली बीस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद मध्य पूर्व से अमेरिकी नागरिकों को निकालने की प्रक्रिया बेहद अव्यवस्थित रही।
सूत्र के अनुसार, लोगों को एक हेल्पलाइन नंबर दिया गया था, लेकिन उस नंबर पर रिकॉर्डेड संदेश में ही कहा जा रहा था कि वे सरकार पर भरोसा करके बाहर निकलने की उम्मीद न रखें, क्योंकि उस समय कोई तय निकासी केंद्र मौजूद नहीं थे। अधिकारी ने कहा कि पूरी व्यवस्था अव्यवस्थित और भ्रम की स्थिति में थी। एक अन्य सरकारी अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप का रुख भी लगातार बदलता रहा। कभी वे ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को पूरी तरह नष्ट करने की बात करते थे, कभी वहां सत्ता परिवर्तन की बात करते थे और कभी अचानक यह दावा कर देते थे कि जीत अब बस होने ही वाली है। अधिकारी के अनुसार, जब लक्ष्य ही स्पष्ट न हो तो अधिकारियों के लिए नीतिगत दस्तावेज और ब्रीफिंग तैयार करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
कई सहयोगी देश नाराज
रिपोर्ट में एक तीसरे सूत्र का भी हवाला दिया गया है, जिसने बताया कि खाड़ी क्षेत्र के कई सहयोगी देश भी इस स्थिति से नाराज हैं। उनका कहना है कि ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए उन्हें पर्याप्त समय और समन्वय नहीं दिया गया, जिसके कारण वे अचानक आई स्थिति के लिए तैयार नहीं थे। मध्य-पूर्व में जारी इस युद्ध ने पिछले दो सप्ताह में भारी तबाही मचाई है। इसी बीच युद्ध के तेरहवें दिन भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह संघर्ष कब खत्म होगा। कल बढ़ते मौत के आंकड़ों के बीच ट्रंप ने कहा कि युद्ध तब खत्म होगा जब उन्हें ‘अपने अंदर महसूस होगा’ कि समय आ गया है।

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