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दादा और शिंदे गुट आमने-सामने,  आरोप-प्रत्यारोप पहुंचा कोर्ट …सांसद तटकरे ने ठोका रु. ६५ करोड़ का दावा!

विधायक महेंद्र थोरवे की मुश्किलें बढ़ीं
रायगड में खूनी राजनीति के आरोप पड़े भारी
सामना संवाददाता / मुंबई
रायगड में मंगेश कालोखे हत्याकांड के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। इस मामले को लेकर शिंदे और दादा गुट आमने-सामने आ गए हैं। इसे लेकर लगाए गए आरोपों से नाराज दादा गुट के सांसद सुनील तटकरे अब अदालत पहुंच गए हैं। उन्होंने विधायक शिंदे गुट महेंद्र थोरवे के खिलाफ ६५ करोड़ रुपए के मानहानि का मुकदमा दायर किया है। रायगड में खूनी राजनीति के आरोपों से शुरू हुआ यह विवाद अब न्यायालय की चौखट तक पहुंच गया है, जहां इस पूरे सियासी टकराव की सच्चाई की परीक्षा होगी।
बता दें कि रायगड जिले के खोपोली औद्योगिक शहर में नगरपालिका चुनाव के बाद नगरसेविका मानसी के पति मंगेश कालोखे की हत्या कर दी गई। आरोप है कि यह हत्या सुपारी देकर और राजनीतिक दुश्मनी के चलते करवाई गई। इस मामले में मुख्य आरोपी रवींद्र देवकर, उनके बेटे धनेश देवकर के साथ-साथ अजीत पवार गुट के सुधाकर घारे और भरत भगत पर भी संदेह जताया गया है। इस घटना के बाद रायगड में शिंदे और दादा गुट के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया।
दी थी चेतावनी
सुनील तटकरे ने पहले ही थोरवे को आरोप लगाते समय सावधानी बरतने की चेतावनी दी थी, लेकिन थोरवे ने अपने आरोप और तीखे कर दिए। इसके बाद तटकरे ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने का पैâसला किया। तटकरे ने थोरवे के खिलाफ माणगांव सत्र न्यायालय में ६५ करोड़ रुपए का मानहानि का दावा दाखिल किया है।

लगाए थे ये आरोप
आरोप है कि २७ दिसंबर २०२५ को कर्जत में मंगेश कालोखे हत्याकांड के संदर्भ में दिए गए एक इंटरव्यू में थोरवे ने तटकरे पर गंभीर आरोप लगाए थे। रायगड में कथित खूनी राजनीति का जिक्र करते हुए थोरवे ने कहा था कि रायगड के आका सुनील तटकरे हैं और उनके कार्यकर्ताओं को जान से मारने की घटनाएं हो रही हैं।

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