मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सुरक्षाबलों के ठिकानों की लोकेशन, वीडियो और फोटो विदेश भेजने वाले गिरोह को गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी संदिग्ध राजधानी और एनसीआर में रहकर यह काम कर रहे थे और इसके बदले उन्हें पैसे मिलते थे। गाजियाबाद के मसूरी थाना पुलिस के बाद अब कौशांबी पुलिस ने छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
मामला सामने आते ही पुलिस विभाग में हलचल मच गई है और इसकी सूचना लखनऊ तक पहुंच गई है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे योजनाबद्ध तरीके से मोबाइल फोन पर चैट के माध्यम से विदेश में बैठे लोगों के संपर्क में थे।
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी बिजनौर जिले के नरवदी नवादा का रहने वाला सुहेल मलिक उर्फ रोमियो है।
सुहेल ने पुलिस को बताया कि गिरोह के अन्य सदस्य उसे संवेदनशील इलाकों की वीडियो और फोटो बनाकर भेजते थे। इनमें सुरक्षाबलों के ठिकाने और रेलवे स्टेशनों की वीडियो भी शामिल होती थीं। यह सामग्री लोकेशन के साथ उसे भेजी जाती थी और इसके बदले वह उन्हें पैसे देता था।
पुलिस को सुहेल के मोबाइल फोन से सुरक्षाबलों के ठिकानों और रेलवे स्टेशनों की वीडियो, लोकेशन और विदेशी नंबरों से हुई चैट भी मिली है।
गिरफ्तार सभी आरोपी मूल रूप से बिजनौर, संभल, शाहजहांपुर, बदायूं और अन्य जिलों के रहने वाले हैं। वर्तमान में वे सभी कौशांबी क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
एडीसीपी राजकरन नैयर ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। उन्हें कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब तक मिले साक्ष्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी आतंकी संगठन से इनके सीधे संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
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सुहेल मलिक उर्फ रोमियो — बिजनौर के नरगढी नवादा का निवासी
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साने इरम उर्फ महक — संभल जिले के ज्ञानपुर सिसौना गांव की निवासी
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प्रवीन — कौशांबी थाना क्षेत्र के भोवापुर का निवासी
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राज वाल्मीकि — औरैया जिले के गांव बनारसीदास का निवासी
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शिवा वाल्मीकि — बदायूं जिले के उझानी स्थित रिसोली गांव का निवासी
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रितिक गंगवार — शाहजहांपुर के कटरा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव का निवासी
