मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : अब क्या आईसीसी ट्रॉफी भी चुराओगे?

आउट ऑफ पवेलियन : अब क्या आईसीसी ट्रॉफी भी चुराओगे?

अमिताभ श्रीवास्तव

एशिया कप तो चोर उड़ा ले गए अब क्या आईसीसी ट्रॉफी भी चुराओगे? जी हां, ये है पाकिस्तानी क्रिकेट टीम और उसके प्रशासको का काम, जिसकी आलोचना खुद उसका देश और उसके पूर्व क्रिकेटर कर रहे हैं। एशिया कप से चली आ रही फजीहत विश्वकप में भी हुई और अब बांग्लादेश ने भी उसे जमींदोज कर डाला। ऐसे में पाकिस्तानियों का अपनी टीम के खिलाफ जमकर गुस्सा है। पाकिस्तान की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कामरान अकमल ने कहा कि टीम नीदरलैंड्स से भी हार सकती है और यह समझ से परे है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) में इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज में जीत दर्ज नहीं कर पाता है तो वह आईसीसी ट्रॉफी वैâसे जीतेगा। भगवान के लिए, पाकिस्तान क्रिकेट के बारे में सोचिए। देखिए हम किस स्तर तक गिर गए हैं। आपने अपने क्रिकेट का मजाक बना दिया है। आप लोगों को कोई परवाह नहीं है,जब आप टीमों के खिलाफ सीरीज नहीं जीतते, तो आप आगे कैसे बढ़ेंगे? क्या आप आईसीसी ट्रॉफी चुराकर ले जाना चाहते हैं?’ यानी अब तो यह भी तय हो गया कि एशिया कप को पाकिस्तान ने चुराया है और ये बात उसके लोग भी मानते हैं।
लेखिका की डीप फेक से जंग
लेखिक जेस डेविस लंबे समय से सोशल मीडिया पर डीप फेक तस्वीरों को लेकर जंग लड़ रही हैं। उनकी किताब भी इस बारे में कई सवाल खड़े कर रही हैं। जेस डेविस अपनी किताब को लेकर इस समय दुनिया में चर्चा का विषय बन गई हैं। दरअसल, खुद जेस डेविस इसका शिकार हुई थीं और इसके बाद उन्होंने ऐसे कुकृत्यों के खिलाफ अकेले ही जंग छेड़ रखी है। टिकटॉक जैसे मंचो पर सेल्फी पोस्ट करने के बाद जिस तरह से उनकी तस्वीरों को पोर्न साइट पर प्रस्तुत कर दिया गया, उसने जेस डेविस को मानसिक यंत्रणा का शिकार बना दिया था। हालांकि, जेस ने लगभग गूगल से लेकर हर उस प्लेटफॉर्म पर अपनी शिकायतें की मगर कोई नतीजा हाथ न लगा। उन्होंने बताया कि जब मैं १९ साल की थी, तब मेरी अंतरंग तस्वीरें पोर्न साइटों, मैसेजिंग फोरमों, एस्कॉर्टिंग पेजों के माध्यम से बड़े पैमाने पर ऑनलाइन वितरित की गईं और स्वैâमर्स द्वारा वैâटफिश के रूप में इस्तेमाल की गईं। इस जंग में सोशल मीडिया कंपनी एक्स, एआई टूल ग्रोक द्वारा बनाई गई असली महिलाओं और बच्चों की नग्न और घिनौनी तस्वीरों के इस दौर के खिलाफ जेस लड़ रही हैं। उनकी किताब ‘नो वन वांट्स टू सी योर डिक’ अब हार्डबैक, पेपरबैक, ऑडिबल और किंडल संस्करण में भी उपलब्ध है।

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