मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिमानस की लोकप्रियता कभी कम नहीं हो सकती : स्वामी अद्वैतानंद

मानस की लोकप्रियता कभी कम नहीं हो सकती : स्वामी अद्वैतानंद

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

चिन्मय मिशन की ओर से आयोजित ज्ञान यज्ञ में रामचरितमानस पर चिन्मय मिशन नासिक के आचार्य स्वामी अद्वैतानंद ने कहाकि श्रीराम जी का चरित्र आदर्श है। इसमें गोस्वामी जी ने नाम, रूप, गुण, लीला, धाम का विस्तृत वर्णन है। मानस की सुंदरता हिंदी में ही है। इसकी लोकप्रियता कभी कम नहीं हो सकती।
शहर के पंडित राम नरेश त्रिपाठी सभागार में पांच दिवसीय ज्ञान यज्ञ को चिन्मय मिशन नासिक के आचार्य स्वामी अद्वैतानंद ने कहाकि राम चरित मानस में श्रीराम के नाम की महिमा गाई है। श्रीराम का नाम लेने से उनका पूरा स्वरूप आ जाता है।
उन्होंने कहाकि श्रीराम कुछ बोलने के पहले मुस्कुराते थे जिससे सामने वाला कितना भी दुखी परेशान हो उसके मुख पर भी मुस्कान आ ही जाती है। भगवान की एक-एक चीज देखने लायक है।
महर्षि वाल्मीकि जी का आदर्श आश्रम था, जहां श्रम न हो, मन को विश्राम मिले। व्याहारिक चाहत पहल नहीं होता तो मन को वर्षों और शांति मिलती हैं। जब श्री राम आश्रम पहुंचे तो संस्कारवश वाल्मीकि उनका स्वागत करने पहुंचे। ऋषि वाल्मीकि जानते है श्रीराम ईश्वर है फिर भी झुककर प्रणाम करते है। श्रीराम ने भी अपने आदर्श दिखाए और दंडवत प्रणाम किया। तब प्रभु को ऋषिवर आशीर्वाद देते हैं।
उन्होंने कहाकि तत्व से व्यवहार नहीं होता। झुकता वही है जिसमें जान होती है, अकड़ता मुर्दा है। जब अपने पास गुण हो तो झुकना चाहिए। कार्यक्रम में चयन आयोग के सदस्य डॉ विनोद कुमार सिंह, बाल कल्याण समिति के मंत्री डॉ एच डी राम, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक डॉ ए के सिंह, डॉ पवन सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद प्रवीण कुमार अग्रवाल, प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

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