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 हिंदुस्थान को युद्ध में झोंकना चाहता है अमेरिका! …चाबहार पोर्ट के पास सैन्य केंद्र पर किए ताबड़तोड़ हमले

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
ईरान से जंग के बीच अमेरिका के फाइटर जेट्स ने ईरान के चाबहार पोर्ट के पास सैन्य केंद्र पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। ये हमले ईरान के चाबहार प्रâी ट्रेड-इंडस्ट्रीयल जोन पर किए गए हैं। वॉयस ऑफ अमेरिका की एक खबर के अनुसार, ईरान के पहाड़ों के बीच बने चाबहार पोर्ट के पास तेज धमाके सुने गए। ये वही रणनीतिक चाबहार है, जहां भारत ने चीन की मदद से बननेवाले पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह के जवाब में जमकर निवेश किया है। इस चाबहार से ही भारत को बिना पाकिस्तान से गुजरे मध्य एशिया जाने का रास्ता मिलता है। ऐसे में यह कहा जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई बाधित होने से परेशान अमेरिका जानबूझकर भारत को इस युद्ध में धकेलना चाहता है।
ईरान के सीस्तान और बलूचिस्तान प्रांतों के बीच स्थित चाबहार पोर्ट को १९९२ में बनाया गया था। यह पाकिस्तान की सीमा पर भी स्थित है। चाबहार प्रâी ट्रेड जोन में कोई टैक्स नहीं लगता है। यह मध्य एशिया को हिंद महासागर से जोड़ता है। यह ओमान की खाड़ी के पास स्थित है। यह बिना होर्मुज से गुजरे तेहरान को सीधे हिंद महासागर में पहुंच प्रदान करता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, फारसी में चाबहार का मतलब है चार वसंत या चार झरने होता है। चाबहार ऐसी जगह है, जो भारत को ईरान के रास्ते अफगानिस्तान, मध्य एशिया और यूरोप तक पहुंच देता है। यह भारत को क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर से भी जोड़ता है। इस जोन में २० साल के लिए टैक्स से छूट का भी प्रावधान है। मुद्रा विनिमय की आजादी और विदेशी निवेश का अवसर भी देता है।
चीन से छद्म लड़ाई लड़ रहा है अमेरिका
ईरान का युद्ध चरम पर है। कोई झुकने को तैयार नहीं है। अमेरिका एक ओर जहां उत्तर अटलांटिक संधि संगठन मदद की भीख मांग रहा है। वहीं ईरान ने धमकी दी है कि अमेरिका-इजरायल जैसे दुश्मनों को तेल की लाइफलाइन कहे जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने नहीं देंगे। इससे पहले अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप पर हमला बोला था, जो ईरान के ९० फीसदी तेल निर्यात बड़ा टर्मिनल है। अमेरिका यहीं चूक गया। खर्ग से ही ईरान अपना ज्यादातर तेल सहयोगी चीन को भेजता है। यही चीन रूस के साथ मिलकर ईरान को अमेरिकी तैनाती की खुफिया जानकारी भी भेज रहा है।

ईरान को खुफिया जानकारी दे रहे चीन-रूस
जियो मैप स्टोरी पर एक एक्सपर्ट मॉरियो नफाल ने कहा है कि रूस और चीन गुपचुप तरीके से ईरान को खुफिया जानकारी दे रहे हैं। वो अमेरिका की सैन्य तैनाती के बारे में बता रहे हैं। एक ३०० मिलियन डॉलर का रडार जॉर्डन में नष्ट कर दिया गया, वहीं ईरान के एक अकेले ड्रोन ने कतर में १ बिलियन डॉलर का अर्ली वॉर्निंग सिस्टम को उड़ा दिया।

एल्युमिनियम स्मेल्टर और यूरिया प्लांट्स में भारत का निवेश
रिपोर्ट के अनुसार, २०२१ में भारत ने चाबहार प्रâी ट्रेड जोन में एल्युमिनियम स्मेल्टर्स से लेकर यूरिया प्लांट्स बनाने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई थी। उस वक्त भारत और ईरान के बीच एक स्ट्रेटेजिक पोर्ट को चलाने को लेकर भी करार हुआ था। यह पोर्ट अफगानिस्तान के लोगों के लिए भारत के मानवीय मदद में भी प्रमुख हब बन गया है।

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