सामना संवाददाता / मुंबई
13 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म ‘टू वे’ समाज के एक संवेदनशील मुद्दे को कोर्टरूम ड्रामा के रूप में प्रस्तुत करती है। सीमित प्रचार के बावजूद यह फिल्म अपने विषय और कलाकारों के अभिनय के दम पर दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल नजर आ रही है। यश बाबू इंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता राजेंद्र कुमार वर्मा हैं, जबकि लेखन और निर्देशन विजय खेपड़ ने किया है। कहानी और निर्देशन दर्शकों को अंत तक बांधे रखने की कोशिश करते हैं।
फिल्म में गुरलीन चोपड़ा, विजय पाटकर, विजय खेपड़, पंकज बेरी, सुधा चंद्रन, गुलशन पांडे, परी तोमर, दिव्यांशी डे, नेहा वर्मा, अर्चना गोल्डस्मिथ और मिलिंद गुनाजी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। कहानी की शुरुआत नूरा के जन्मदिन की पार्टी से होती है, जहां उसका बॉयफ्रेंड विक्की भी मौजूद रहता है। पार्टी के दौरान हुई एक विवादित घटना के बाद मामला अदालत तक पहुंचता है। इसके बाद कहानी कानूनी लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां विक्की के पक्ष में एडवोकेट पन्ना न्याय के लिए संघर्ष करती नजर आती हैं।
फिल्म की शुरुआत में इंस्पेक्टर हीरा और कांस्टेबल मोती की हल्की-फुल्की कॉमिक केमिस्ट्री दर्शकों को आकर्षित करती है, जिसके बाद कहानी गंभीर कोर्टरूम ड्रामा में बदल जाती है। अभिनय की बात करें तो विजय पाटकर और विजय खेपड़ अपनी सहज अदाकारी से प्रभावित करते हैं, वहीं गुरलीन चोपड़ा एडवोकेट पन्ना के किरदार में मजबूत नजर आती हैं। करीब 2 घंटे 20 मिनट की यह फिल्म फिलहाल मुंबई के कुछ सिनेमाघरों में सीमित शो के साथ प्रदर्शित हो रही है। कुल मिलाकर, ‘टू वे’ मनोरंजन के साथ-साथ समाज के एक गंभीर पहलू पर सोचने को मजबूर करने वाली फिल्म के रूप में उभरती है।
