राजेश सरकार / प्रयागराज
दक्षिण पूर्व एशियाई देशों थाईलैंड, लाओस और कंबोडिया से संचालित साइबर अपराधों से जुड़े एक आरोपी को साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर डिजिटल अरेस्ट, पार्ट टाइम जॉब और इनवेस्टमेंट फ्रॉड के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने तथा ग्रामीणों को गुमराह कर उनके खाते कमीशन के आधार पर बेचने का आरोप है।
इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में धारा 318(4), 319(2), 336(2), 338 बीएनएस, 66(डी) आईटी एक्ट और 42(3)(ई) टेलीकॉम एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विपिन मिश्रा पुत्र विनय मिश्रा उर्फ बबलू, निवासी ग्राम गिधौरा, थाना कौधियारा, प्रयागराज के रूप में हुई है। उसे मंगलवार को कैंट क्षेत्र स्थित छावनी परिषद के पास से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने गांव के राज मिश्रा और अन्य साथियों के साथ मिलकर भोले भाले ग्रामीणों को सरकारी योजना या नौकरी का झांसा देकर उनके बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद चेकबुक, एटीएम और इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी जानकारी अपने पास रख लेते थे। मोबाइल में ओटीपी फॉरवर्डर एप इंस्टॉल कर बैंक से आने वाले ओटीपी को सीधे विदेश में बैठे साइबर ठगों तक पहुंचाया जाता था।
इन खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया जाता था और यूएसडीटी (क्रिप्टो करेंसी) के माध्यम से एजेंटों को कमीशन दिया जाता था। आरोपी के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया गया है।
गौरतलब है कि एनसीआरपी पोर्टल पर इस मामले से जुड़े खातों के खिलाफ पांच राज्यों से सात शिकायतें दर्ज हैं। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक मो आलमगीर, आरक्षी अतुल त्रिवेदी, अनुराग यादव, विनय कुमार पाठक, मुकेश कुमार, राकेश कुमार तथा साइबर सेल के प्रभारी उप निरीक्षक घनश्याम यादव, अनूप यादव, मुख्य आरक्षी फिरोज खान और जितेंद्र कुमार पाल शामिल रहे।
