राजेश सरकार
प्रयागराज। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ नव संवत्सर (विक्रम संवत 2083) और वासंतिक नवरात्रि का संगम नगरी में हर्षोल्लास के साथ स्वागत हुआ। संगम तट पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। अलोप शंकरी, कल्याणी देवी, ललिता देवी शक्तिपीठों एवं मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की गई। सांस्कृतिक संगठनों ने दीप प्रज्वलन और शंखनाद के साथ नववर्ष का अभिनंदन किया।
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन गुरुवार को देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। संगम के पास स्थित 51 शक्तिपीठों में से एक मां अलोप शंकरी देवी मंदिर में मां के शैलपुत्री स्वरूप का पूजन किया गया। नव संवत्सर 2083 का भी शुभारंभ हुआ। अलोप शंकरी मंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में ही खोल दिए गए थे। सुबह चार बजे से ही मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंजता रहा। अलोपीबाग स्थित मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही।
हनुमंत निकेतन में गूंजा सामवेद शंखनाद
हनुमंत निकेतन, सिविल लाइंस में नववर्ष विक्रम संवत 2083 के उपलक्ष्य में सामवेद शंखनाद और नववर्ष उद्घोष का भव्य आध्यात्मिक आयोजन हुआ। प्रातः पांच बजे से ही मंदिर प्रांगण में श्रद्धा, भक्ति और सनातनी संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु नववर्ष के प्रथम सूर्योदय के साक्षी बने।
कार्यक्रम का शुभारंभ ईश वंदन से हुआ। इसके पश्चात वेद विद्यालय के बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ स्वस्ति वाचन किया। सामवेद की मधुर स्वर लहरियों और शंखनाद से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा। श्रद्धालुओं ने सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर नववर्ष का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि अनंत श्री विभूषित महंत यमुना पुरी जी महाराज (सचिव, श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी एवं प्रबंधक मां अलोपी देवी मंदिर) की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि नव संवत्सर हमें धर्म, सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है तथा सनातन मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश देता है।
विमोचन
इस अवसर पर पर्व पत्रिका (संवत 2083) के 14वें संस्करण का विमोचन महंत यमुना पुरी ने किया। पत्रिका के संपादक आचार्य अमित बहोरे के योगदान की सराहना की गई। डॉ सविता अग्रवाल ने सभी अतिथियों, आयोजकों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। मीडिया प्रभारी मनीष गर्ग ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समापन जय श्री राम और जय हनुमान के उद्घोष तथा नववर्ष की मंगल कामनाओं के साथ हुआ।
माधव ज्ञान केंद्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया नववर्ष
माधव ज्ञान केंद्र, खारकोनी नैनी में नव संवत्सर पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। शुभारंभ सरस्वती माता, भारत माता और परम ब्रह्म ओम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्चन और वंदना के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने गीत, कविता पाठ और भाषण प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
बच्चों ने हिंदी नववर्ष के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए भारतीय संस्कृति और परंपराओं को अपनाने का संदेश दिया। प्रमुख आचार्य ने सभी विद्यार्थियों को नववर्ष के सुंदर कार्ड वितरित किए। प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र ने कहा कि हिंदी नववर्ष हमें नई ऊर्जा, नए संकल्प और भारतीय संस्कृति के प्रति गर्व का भाव प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन में अनुशासन और संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
