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स्पा की आड़ में गंदा खेल … नाम बदलकर फिर शुरू हो रहे सेंटर!

विधान परिषद में अमित गोरखे के सवाल से हिला सिस्टम
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान राज्य में स्पा व वेलनेस सेंटर की आड़ में चल रहे अवैध देह व्यापार, मानव तस्करी और संगठित नेटवर्क का गंभीर मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। सदस्य अमित गोरखे द्वारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से बार-बार नाम बदलकर संचालित हो रहे सेंटरों तथा उनके पीछे सक्रिय ‘मास्टरमाइंड’ तत्वों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई। इस पर उत्तर देते हुए गृह राज्य मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि शासन स्तर पर इस विषय को गंभीरता से लिया गया है। साथ ही आगामी ३-४ महीनों में स्पा व्यवसाय के लिए सख्त व स्वतंत्र नियमावली लागू की जाएगी। साथ ही संबंधित प्रकरणों में आवश्यकतानुसार मकोका जैसे कड़े कानून के उपयोग पर भी विचार किया जा रहा है।
विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान स्पा और वेलनेस सेंटर की आड़ में चल रहे अवैध देह व्यापार और मानव तस्करी का गंभीर मुद्दा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया गया। विधान परिषद सदस्य अमित गोरखे ने नियम १०१ के तहत प्रस्तुत प्रस्ताव में राज्य के कई शहरों, विशेष रूप से पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, नई मुंबई और ठाणे में स्पा सेंटरों के माध्यम से चल रही अवैध गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की। गोरखे ने कहा कि कई स्थानों पर पुलिस कार्रवाई में यह सामने आया है कि मसाज और वेलनेस सेंटर की आड़ में संगठित रूप से देह व्यापार चलाया जा रहा है। इन मामलों में महिलाओं को नौकरी का लालच देकर दूसरे राज्यों से लाया जाता है। उनके पासपोर्ट और मोबाइल छीन लिए जाते हैं और जबरन या कर्ज के नाम पर काम कराया जाता है, जो सीधे तौर पर मानव तस्करी की श्रेणी में आता है।

एक साल में १२९ अपराध दर्ज
गृह राज्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष २०२५ से फरवरी २०२६ तक राज्य में ऐसे मामलों में कुल १२९ अपराध दर्ज किए गए हैं, जिनमें ठाणे में ५२, नवी मुंबई में ९ और पिंपरी-चिंचवड़ में ११ मामले शामिल हैं। पुणे के विमान नगर प्रकरण में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है। इसके अलावा वर्ष २०२५ में मानव तस्करी के ८ मामलों में २१ महिलाओं और लड़कियों को मुक्त कराया गया तथा २० आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित की गई है समिति
इस पर उत्तर देते हुए गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने सदन को बताया कि राज्य सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक समिति गठित की गई है, जिसमें नगर विकास और ग्राम िवकास विभाग शामिल हैं। समिति की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले ३ से ४ महीनों में स्पा और मसाज सेंटरों के लिए स्वतंत्र एवं सख्त नियमावली लागू की जाएगी, जिसमें संचालन के स्पष्ट मानक, पारदर्शिता और नियंत्रण के प्रावधान होंगे। साथ ही अवैध गतिविधियों में संलिप्त एजेंटों और संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर मकोका जैसे सख्त कानून के उपयोग पर भी विचार किया जाएगा।

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