एजेंसी / इस्लामाबाद
पाकिस्तान गंभीर बिजली संकट की चपेट में है। एक तरह से देश अंधेरे में डूबा हुआ है। देश के बड़े हिस्सों में लंबे समय तक और बिना किसी सूचना के बिजली कटौती हो रही है। कई इलाकों में बिजली कटौती १५ से २० घंटे तक चल रही है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी, कारोबार और उद्योग-धंधे पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गए हैं। सरकार माफी मांग रही है और लोग मारपीट पर उतारू हैं।
लाहौर और कराची जैसे बड़े शहर इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां के निवासियों का कहना है कि बिजली कटौती का समय सरकारी शेड्यूल से कहीं ज्यादा है। जहां एक तरफ अधिकारियों ने शाम के व्यस्त समय में लगभग २ से २.५ घंटे की सीमित लोडशेडिंग की घोषणा की थी, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। कई शहरी इलाकों में ३ से ८ घंटे तक बिजली कटौती हो रही है, जबकि ग्रामीण इलाकों में लोगों को १६ घंटे या उससे भी ज्यादा समय तक बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ईरान में हैं, जबकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तुर्की के एंटाल्या डिप्लोमेसी फोरम में शामिल होने के लिए वहां मौजूद हैं। मुल्क के दोनों टॉप नेता देश के बाहर सक्रिय कूटनीति चला रहे हैं, लेकिन घर में बिजली संकट ने आम पाकिस्तानी को अंधेरे में छोड़ दिया है।
गैस की आपूर्ति प्रभावित
पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री ओवैस लेघारी ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में चल रही मौजूदा स्थिति के कारण एलएनजी आधारित अधिकांश बिजली प्लांट को होने वाली गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ६,००० एलएनजी की क्षमता वाले ये संयंत्र इस समय केवल लगभग ५०० एलएनजी बिजली ही पैदा कर पा रहे हैं, जिससे कुल बिजली उत्पादन पर गंभीर असर पड़ रहा है।
यहां हालत गंभीर
लाहौर, पैâसलाबाद, मुल्तान, दक्षिण पंजाब, इस्लामाबाद, रावलपिंडी, पेशावर, कराची, कसूर, झंग की हालत काफी बुरी है। गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ी है, इधर हाइड्रो पावर प्लांट में पानी का लेवल नीचे चला गया है, एलएनजी और आयातित र्इंधन की सप्लाई लगातार डांवांडोल है।
गर्मी में बिजली की मांग बढ़ी
इस संकट की गंभीरता लगभग ३,४०० मेगावाट की बिजली की भारी कमी के कारण और बढ़ गई है। गर्मी की वजह से बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। अप्रैल की शुरुआत में ये मांग ९,००० मेगावाट थी, जो अब बढ़कर लगभग २०,००० मेगावाट हो गई है। पाकिस्तान के कई पावर हाउस एलएनजी से चलते हैं, लेकिन पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण एलएनजी की सप्लाई तकरीबन बंद हो गई है। इस्लामाबाद में पाकिस्तान-ईरान के बीच शांति वार्ता करवा रहा पाकिस्तान अपने मुल्क के लिए एलएनजी भी हासिल नहीं कर पा रहा है।
