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खतरे में कई दिग्गजों की दावेदारी…नए चेहरों पर दांव लगाएंगे फडणवीस!.. विधान परिषद चुनाव में बढ़ा सस्पेंस

सामना संवाददाता / मुंबई

विधान परिषद चुनाव से पहले भाजपा में टिकट को लेकर जबरदस्त हलचल तेज हो गई है, जहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ‘रिस्क गेम’ पार्टी के भीतर बड़े उलटफेर के संकेत दे रहा है, वहीं पुराने और स्थापित चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाकर नए चेहरों पर दांव लगाने की रणनीति ने कई दिग्गज नेताओं की दावेदारी को खतरे में डाल दिया है। इसी के साथ टिकट पाने के लिए नेताओं की लॉबिंग भी तेज हो गई है, जिससे अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है।
अंतिम सूची जारी होने से पहले सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है और यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस बार किसे मौका देती है और किसे बाहर का रास्ता दिखाती है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार भाजपा पुराने चेहरों को किनारे कर नए नेताओं को मौका देने की रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि पूर्व सदस्य रणजीत सिंह मोहिते पाटील और दादाराव केचे जैसे नेताओं की दावेदारी पर तलवार लटकती नजर आ रही है। पार्टी के अंदर साफ संदेश दिया जा रहा है कि अब प्रदर्शन और संगठनात्मक पकड़ के आधार पर ही टिकट मिलेगा, न कि पुराने अनुभव के भरोसे। इस रणनीति ने भाजपा के भीतर हलचल बढ़ा दी है। कई नेता जो खुद को मजबूत दावेदार मान रहे थे, अब असमंजस की स्थिति में हैं। टिकट के लिए लॉबिंग भी तेज हो गई है और दिल्ली से लेकर मुंबई तक संपर्कों का दौर शुरू हो चुका है। पार्टी के रणनीतिकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधते हुए ऐसे चेहरों को सामने लाना है, जो चुनावी समीकरणों को मजबूत कर सकें।

इन नामों की है चर्चा
इसी बीच संभावित उम्मीदवारों में राम सातपुते, रणजीत सिंह निंबालकर, केशव उपाध्ये और माधवी नाईक के नाम तेजी से चर्चा में हैं। इसके अलावा एक महिला उम्मीदवार को भी मौका देने की रणनीति पर पार्टी गंभीरता से विचार कर रही है, जिससे सामाजिक संतुलन का संदेश दिया जा सके।

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