मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिनवकुंभ काव्य गोष्ठी संपन्न

नवकुंभ काव्य गोष्ठी संपन्न

सामना संवाददाता / मुंबई

देश के सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. प्रभु दयाल मंढ़इया ‘विकल’ की स्मृति में भव्य काव्य गोष्ठी एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का आयोजन नवकुम्भ साहित्य सेवा संस्थान द्वारा मुलुंड में किया गया। इस मौके पर साहित्य के मर्मज्ञ हिंदी कवियों की मौजूदगी रही।
कार्यक्रम की शुरुआत डाॅ विकल की पत्नी ललिता मढ़इया, रामप्यारे सिंह रघुवंशी, त्रिलोचन सिंह अरोरा, नामदार राही, शिल्पा सोनटक्के तथा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार राही द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। सरस्वती वंदना राही ने की और स्वागत गीत नरसिंह हैरान ने पेश किया। कवियों का ललिता मंढ़इया द्वारा शाॅल‌ व पुष्प गुच्छ से सम्मान किया गया। साथ ही यादों का सफर पुस्तक का विमोचन किया गया। इस मौके पर डाॅ. प्रभा शर्मा, सुशील नाचीज़, रामस्वरूप साहू, नंदलाल क्षितिज, एड.अनिल शर्मा, बृजबाला सूरी, रमणीक आधाभाई, अनुपमा, जीतेंद्र ,विजय, तैलग्गा, सुशील, ईएनआई न्यूज पत्रकार दिनेश शुक्ला, मुन्ना यादव सहित अन्य लोगों की उपस्थिति रही।
कवि रामप्यारे रघुवंशी ने डॉ. विकल के जीवन परिचय व उनकी रचना के बारे में कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को अवगत कराया और उनके द्वारा किये गए सराहनीय कार्यो का उल्लेख किया। कार्यकम में आये कवियों ने सामूहिक जन्मदिन की बधाई दी और डॉ. विकल की स्मृति में अपनी कविता को समर्पित किया। अंत में राष्ट्रगान के बाद‌ जलपान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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