-सर्जरी में लापरवाही से युवक की मौत पर शुभांगी हास्पिटल पर कसा पुलिस का शिकंजा
-एसीएमओ की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने माना शुभांगी हास्पिटल में हुई सर्जरी में घोर लापरवाही
-हास्पिटल संचालक सहित दो चिकित्सक दंपतियों पर केस दर्ज।
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
यूपी के सुल्तानपुर जिले के एक निजी अस्पताल में पेट में पथरी की शल्य चिकित्सा के दौरान एनेस्थीसिया की ज्यादा खुराक देने व इलाज में घोर लापरवाही से मरीज की मौत का सनसनीखेज वाकया सामने आया है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में गठित विभाग की चार सदस्यीय जांच टीम ने भी जिलाधिकारी को भेजी गई जांच रिपोर्ट में मरीज के मौत की वजह ‘इलाज में घोर लापरवाही’ बताते हुए पुलिस-प्रशासन से आवश्यक कार्यवाही की संस्तुति कर दी है। जिस पर पुलिस कप्तान चारु निगम ने दिवंगत मरीज के वृद्ध पिता की तहरीर पर नगर कोतवाली में प्रकरण के दोषियों के खिलाफ नामजद केस कर दर्ज करा दिया है। इस घटनाक्रम ने अधिकांश निजी अस्पतालों में पैसा कमाने की होड़ में मरीजों के प्रति किये जा रहे गैर संवेदनशील अमानवीय धनलोलुप व्यवहार का यथार्थ उजागर कर दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार गत तीन मार्च को सुल्तानपुर जिला मुख्यालय के निकटवर्ती गांव महिलो आशापुर (कूरेभार) के युवक राजेश मिश्र पुत्र रामकरन मिश्र मूत्राशय में पथरी की सर्जरी के लिये नगर के ईदगाह स्थित शुभांगी हास्पिटल पहुंचे थे। इस निजी अस्पताल को शल्य चिकित्सक राजेश गौतम व उनकी पत्नी विद्या गौतम संचालित करते हैं। यहां एनेस्थेसिया विशेषज्ञ चिकित्सक डा. शुभ्रा सिंह व उनके पति डा.आलोक मौर्य इलाज में सहयोग के लिये कार्यरत हैं। दिवंगत मरीज के पिता राम करन मिश्र व पत्नी संगीता का आरोप है कि ऑपरेशन थियेटर में राजेश को ले जाते ही कोई जहरीला इंजेक्शन इन चिकिसकों द्वारा दे दिया गया। जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। केस बिगड़ता देख शुभांगी हास्पिटल के चिकित्सकों ने मरीज राजेश को ओटी से निकालकर बगैर डाक्टर की एक चिकित्सीय संसाधनविहीन एम्बुलेंस से आनन फानन शहर के आस्था हास्पिटल के लिये रेफर कर दिया। जहां कुछ घंटों के बाद मरीज ने दम तोड़ दिया। घटना से स्तब्ध पीड़ित परिवारीजनों के प्रति संवेदना जताने के बजाय सम्बंधित निजी अस्पतालों ने शुल्क के नाम पर रकम भी वसूली। शोर शराबा बढ़ा और पुलिस प्रशासन तक खबर पहुंची तो मरीज के शव का पोस्टमार्टम हुआ। डीएम ने एसीएमओ जेसी सरोज की अध्यक्षता में डा. अंतरिक्ष, डिप्टी सीएमओ पीडी त्रिपाठी व सुल्तानपुर मेडिकल कालेज के एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष जितेश यादव को शामिल करते हुए जांच टीम बनाई और रिपोर्ट मांगी। जिसने करीब डेढ़ माह विभिन्न पहलुओं पर जांच कर आखिरकार १३ अप्रैल को जांच रिपोर्ट डीएम को प्रेषित कर दी। जांच टीम के विशषज्ञों ने शल्य चिकित्सा व उपचार में मेडिकल प्रोटोकॉल का घोर उल्लंघन व बड़े पैमाने पर लापरवाही बरते जाने को मरीज के मौत की वजह मानी है। इसी आधार पर पुलिस ने सर्जन राजेश गौतम, उनकी पत्नी हास्पिटल संचालक विद्या गौतम व एनेस्थेटिक शुभ्रा सिंह, उनके पति डा. आलोक मौर्य को नामजद करते हुए गंभीर आपराधिक धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। उधर इस प्रकरण को गंभीरता से लेकर पीड़ित परिवार की मदद में आगे आने वाले वीपी सिंह स्मारक जनसंघर्ष मोर्चा के प्रमुख रामकुमार सिंह लाल भइय्या ने कहा है कि अभी तक सिर्फ एफआईआर दर्ज हो पाई है। हम चाहते हैं कि इस हृदयविदारक घटनाक्रम की वजह बने सभी ‘संलिप्त’ दोषियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन एक्शन ले। विवेचनाधिकारी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजवाएं। हम ये लड़ाई न्याय मिलने तक जारी रखेंगे।
