-मिटकरी के दावे से मचा सियासी हंगामा
-चार महीने बाद सामने आई गुप्त फोटो
-बकरे को उल्टा लटकाकर हुई थी पूजा
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सनसनी पैâल गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक अमोल मिटकरी ने दावा किया है कि पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के दौरे से पहले बारामती के विभिन्न स्थानों पर कथित ‘अघोरी पूजा’ की गई थी। इन दावों के समर्थन में उन्होंने कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए हैं, जिनके सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
मिटकरी के अनुसार, बारामती के सहयोग घर, काटेवाडी स्थित निवास और विद्या प्रतिष्ठान परिसर में इस तरह की गतिविधियां हुर्इं। उनका कहना है कि इस तरह की पूजा बाहरी लोगों के लिए करना संभव नहीं है और इसके पीछे स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
विधायक ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि दिसंबर २०२५ में विद्या प्रतिष्ठान के एक निर्माण स्थल के पास आधी रात को कथित पूजा की गई थी, जबकि अगले दिन अजीत पवार वहां निरीक्षण के लिए आने वाले थे। उन्होंने इससे जुड़े फोटो भी साझा किए, जिनमें कथित तौर पर पूजा की सामग्री दिखाई दे रही है। मामले को और गंभीर बनाते हुए मिटकरी ने तीसरे पोस्ट में दावा किया कि काटेवाडी इलाके में दादा के बंगले के सामने बकरे को उल्टा टांगकर पूजा किए जाने की बात स्थानीय लोगों ने उन्हें बताई।
दावे की पुष्टि नहीं
इस पूरे मामले में अभी तक किसी जांच एजेंसी या प्रशासन की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और अनावश्यक अटकलों पर विराम लगे।
