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गोरखपुर में तीन दिनों से चक्कर काटता रहा किशोर…जान चली गयी, लेकिन गैस सिलेंडर नहीं ले पाया!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कह रहे हैं कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की कमी नहीं है दूसरी ओर चक्कर काटते-काटते लोगों की जान चली जा रही है। ताजा मामला गोरखपुर जिले के बांसगांव थाना क्षेत्र का है।जहां करहल गांव में शुक्रवार को सड़क हादसे में 14 वर्षीय किशोर आयुष साहनी की मौत हो गई। किशोर गैस सिलिंडर लेने के लिए एजेंसी गया था, तभी रास्ते में अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। सरकार के इतने दावे के बाद भी गैस सिलेंडर को लेकर पूरे प्रदेश में अनिश्चितता का माहौल खत्म नहीं हो पा रहा है। हर उपभोक्ता गैस सिलेंडर को लेकर किसी परेशानी में पड़ने के डर से सजग है। जिनका सिलेंडर खत्म हो गया है वह एजेंसियों के सामने लाइन लगा कर इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन की मदत भी ली जा रही है। लेकिन परिणाम वही, उपभोक्ता हलकान है।

करहल गांव निवासी आयुष साहनी पिछले तीन दिनों से गैस सिलिंडर लेने के लिए सुदामा गैस एजेंसी के चक्कर लगा रहा था। मृतक के बाबा चौथी साहनी ने बताया कि बुधवार को गैस सिलिंडर की गाड़ी आई थी लेकिन आयुष को सिलिंडर नहीं मिल सका। गुरुवार को गैस की गाड़ी नहीं आई। शुक्रवार को गाड़ी आने पर आयुष फिर सिलिंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंचा था। बताया जा रहा है कि एजेंसी पर ओटीपी की जांच की जा रही थी। आयुष अपना मोबाइल घर पर भूल गया था, जिसे लेने के लिए वह निकला। इसी दौरान एजेंसी से कुछ दूरी पर वह अज्ञात वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे बांसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर थानाप्रभारी जितेंद्र सिंह पहुंचे और छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। चौथी साहनी ने बताया कि आयुष के पिता बिहारी साहनी बंगलूरू में काम करते हैं। परिवार में मां सीमा और छोटा भाई पीयूष है। आयुष की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। आयुष एक निजी कॉलेज में छठवीं का छात्र था। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि अज्ञात वाहन के बारे में जानकारी की जा रही है।”

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