-हिरासत में लिए जासूसों ने किए चौंकानेवाले खुलासे
-भारत को दहलाने की थी तगड़ी प्लानिंग
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
भारत में एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद हुई हाई-लेवल जांच में कई अहम सुराग सामने आए हैं। मैथ्यू वैनडाइक उन सात विदेशियों में शामिल था, जिन्हें दो दिन पहले भारत के खिलाफ रची गई एक कथित साजिश के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। एनआईए सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी ऑपरेटिव मैथ्यू वैन डाइक की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों को कई अहम और चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे हैं। बताया जा रहा है कि ये संदिग्ध कथित तौर पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए से जुड़े हो सकते हैं। आरोप है कि ये लोग भारत में हथियारों की ट्रेनिंग दे रहे थे और देश में अशांति पैâलाने की साजिश रच रहे थे।
बता दें कि मिजोरम में एक अमेरिकी नागरिक मैथ्यू और छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। ये सभी बिना अनुमति भारत-म्यांमार सीमा में अवैध गतिविधियों में संलिप्त थे। जानकारी के अनुसार, मैथ्यू कुछ ईसाई संगठनों से चंदा इकट्ठा कर रहा था, जिसका इस्तेमाल शायद विद्रोही समूहों को वित्तीय मदद देने के लिए हो रहा था। इनकी गतिविधियों में भारत के खिलाफ साजिश के तत्व शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सातों आरोपी भारत को आतंकी गतिविधि के लिए एक बड़ा ट्रांजिट कॉरिडोर बनाने की तैयारी में थे। इतना ही नहीं वे ड्रोन और आधुनिक युद्ध तकनीक की ट्रेनिंग भी दे रहे थे। इन विदेशी नागरिकों का उद्देश्य भारत को आतंकवादी गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में उपयोग करना था।
देश में अब `सीसीटीवी जिहाद’!
गाजियाबाद के आतंकियों का बड़ा खुलासा
गाजियाबाद की कौशांबी थाना पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाले जिन छह जासूसों को पकड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि कुछ बड़े शहरों में दिल्ली धमाके की तरह बड़े आतंकी हमले करने का प्लान था। मिली जानकारी के अनुसार, अंबाला, सोनीपत, दिल्ली वैंâट सहित कई रेलवे स्टेशन और सैन्य ठिकानों के आसपास जो सीसीटीवी आरोपियों ने लगाए थे, उनके जरिए एक्सेस किए गए वीडियो और फोटो को उन्होंने पाकिस्तान भेजा था।
