कर्नाटक २०२३ के विधानसभा चुनाव से पहले आयोजित थी पीएम की यात्रा
आरटीआई से खुला पूरा हिसाब-किताब
सूचना के अधिकार (आरटीआई) से एक बड़ा खुलासा सामने आया है। बताया जा रहा है कि कर्नाटक में २०२३ के विधानसभा चुनावों से तीन महीने पहले भाजपा सरकार ने पीएम मोदी द्वारा आयोजित दो कार्यक्रमों पर लगभग ३३ करोड़ रुपए खर्च किए, जिसमें से ६.५ करोड़ रुपए से अधिक केवल लोगों को कार्यक्रमों तक पहुंचाने पर खर्च किए गए। इस खुलासे के बाद अब खर्च को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। आरटीआई में सामने आए विवरण के अनुसार, इस यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर, मंच, पंडाल, सुरक्षा व्यवस्था और लोगों को कार्यक्रम तक लाने के लिए बसों सहित कई व्यवस्थाओं पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, शिवमोग्गा एयरपोर्ट के उद्घाटन और अन्य कार्यक्रमों की तैयारियों पर ही भारी राशि खर्च हुई। इस खुलासे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या चुनाव से पहले आयोजित ऐसे हाई-प्रोफाइल दौरों पर जनता के पैसे का इतना बड़ा खर्च जायज है। वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
बता दें कि लांचामुक्ता कर्नाटक के मंजुनाथ हीरेचौटी द्वारा तीन साल के संघर्ष के बाद आरटीआई के तहत प्राप्त दस्तावेजों से पता चलता है कि २७ फरवरी, २०२३ को शिवमोग्गा हवाई अड्डे के उद्घाटन पर खर्च की गई राशि १८.८१ करोड़ रुपए थी, जहां मोदी ने लोगों से `भविष्य में भी दो इंजन वाली सरकार के लिए वोट करने’ का आह्वान किया था। इन खर्चों में मोदी के कार्यक्रम के लिए विभिन्न स्थानों से लोगों को लाने के लिए किराए पर ली गई १,८०० बसें शामिल हैं, जिनकी लागत ४.११ करोड़ रुपए थी। दो म्ांचों पर १.८ करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए।
लोगों को कार्यक्रमों तक पहुंचाने पर खर्च हुए रु. ४.११ करोड़
मोदी शिवमोग्गा से एक विशेष विमान से बेलगावी पहुंचे और वहां से हेलिकॉप्टर द्वारा जमीन पर उतरे, जहां से उन्होंने दोपहर लगभग २.४५ बजे एक रोड शो शुरू किया। हवाई यात्रा के खर्च की जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन आरटीआई अधिनियम के तहत प्राप्त दस्तावेजों के एक अन्य सेट से पता चलता है कि लोक निर्माण विभाग को सरकार से १४.३५ करोड़ रुपए खर्च करने की मंजूरी मिली थी, जिसमें कार्यक्रम में लोगों को लाने-ले जाने के लिए बसों पर खर्च किए गए २.५ करोड़ रुपए भी शामिल थे।
कहां-कहां हुए करोड़ों खर्च
शिवमोग्गा एयरपोर्ट उद्घाटन समारोह पर खर्च हुए रु. १८.८१ करोड़
यात्रा व अन्य कार्यक्रमों की व्यवस्था पर खर्च हुए रु. १४.३५ करोड़
१,८०० बसें किराए पर ली गईं, जिस पर करीब रु. ४.११ करोड़ खर्च
मंच, जर्मन-स्टाइल पंडाल, ग्रीन रूम एवं सजावट पर रु. १.८ करोड़ से अधिक खर्च
