मुख्यपृष्ठनए समाचाररीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमला ...हमलावर के गाजियाबाद से पीछा...

रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमला …हमलावर के गाजियाबाद से पीछा करने के दावे पर जीआरपी ने मांगी सीसीटीवी फुटेज

राजेश सरकार

प्रयागराज। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस के एसी कोच में हुए जानलेवा हमले की असलियत सामने लाने के लिए जीआरपी प्रयागराज ने अपनी जांच का दायरा अब गाजियाबाद तक बढ़ा दिया है। आशुतोष ब्रह्मचारी के दावे के अनुसार हमलावर ने गाजियाबाद से ही उनका पीछा शुरू किया था। इसी आधार पर प्रयागराज जीआरपी ने गाजियाबाद जीआरपी से संपर्क कर रीवा एक्सप्रेस के एच-वन कोच के सामने लगे कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है। एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसकी कमान इंस्पेक्टर शशिकांत यादव को सौंपी गई है।

कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी निकाली जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के बाद कंट्रोल रूम को सूचना देने में कितना समय लगा और उस दौरान घटनास्थल के आसपास किन मोबाइल नंबरों की सक्रियता सबसे अधिक थी।

पुलिस ट्रेन में ड्यूटी पर तैनात टीटीई मुश्ताक अहमद, कोच अटेंडेंट राजरूप साकेत और आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ यात्रा कर रहे उनके साथी सुधांशु से अलग-अलग पूछताछ करेगी। इसके अलावा कोच में सफर कर रहे अन्य यात्रियों मंगल सागर और देवेंद्र श्रीवास्तव के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

पांच लोगों पर लगाया आरोप
आशुतोष ब्रह्मचारी ने सीधे तौर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद सहित पांच लोगों पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

झूंसी थाने में दर्ज है अविमुक्तेश्वरानंद पर मुकदमा
पिछले महीने ही अदालत के आदेश पर झूंसी थाने में आशुतोष ब्रह्मचारी की तहरीर के आधार पर अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य के खिलाफ नाबालिगों से दुष्कर्म और धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की सुनवाई 12 मार्च को हाई कोर्ट में होनी है। एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा का कहना है कि घटना के हर पहलू, संभावित रंजिश और तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है।

सुरक्षा के लिए कोर्ट में दिया प्रार्थना पत्र
आशुतोष ब्रह्मचारी ने पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर अपनी सुरक्षा की मांग की है। इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने 13 मार्च की तारीख निर्धारित की है। अदालत में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में मुकदमे से जुड़े नाबालिग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

अन्य समाचार