मुंबई। मुंबई के द ललित में ASLI (एसोसिएशन ऑफ सीनियर लिविंग इंडिया) एजिंग फेस्ट का 6वां संस्करण शुरू हुआ, जिसमें नेताओं, नवाचारकर्ताओं और नीतिनिर्माताओं ने भारत में वरिष्ठ देखभाल के भविष्य को आकार देने वाले प्रमुख स्तंभों—निवेश, प्रौद्योगिकी, बीमा और समुदाय पर विचार किया। “347 मिलियन कारण पूंजी आवंटन पर पुनर्विचार करने के लिए” थीम के साथ, इस उत्सव ने तेजी से बढ़ती वरिष्ठ जनसंख्या के लिए स्थायी और प्रभावशाली समाधान बनाने की तात्कालिकता को रेखांकित किया। उद्घाटन सत्र ASLI के अध्यक्ष और अंतरा सीनियर केयर के एमडी एवं सीईओ राजित मेहता ने स्वागत भाषण में कहा कि भारत में 19,500 लोग हर दिन 60 वर्ष के हो रहे हैं। इसलिए हमें उपयुक्त अवसंरचना बनानी होगी, समग्र देखभाल समाधान तैयार करने होंगे, मौजूदा वित्तीय उत्पादों की रूपरेखा को पुनर्परिभाषित करना होगा और नीतियों, ढांचों व कर प्रोत्साहनों को फिर से गढ़ना होगा।
पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर और हेल्थकेयर लीडर डॉ. राणा मेहता ने कहा कि वरिष्ठ देखभाल अब हाशिए से मुख्यधारा की ओर बढ़ रही है। निवेशकों के पास लंबे समय तक नवाचार पूंजी लाकर इस यात्रा को आकार देने का अवसर है। असली बदलाव निवेशकों, नियामकों और नीतिनिर्माताओं के सहयोग से ही संभव होगा। डॉ. राणा मेहता की अध्यक्षता में हुई पैनल चर्चा में भारत के लिए अवसरों और चुनौतियों पर विचार किया गया। विकास राठी, प्रिंसिपल, हेल्थकेयर इन्वेस्टमेंट्स, प्रेमजी इन्वेस्ट ने कहा, “कंपनियों को ऐसे बिजनेस मॉडल बनाने होंगे जो बड़े भारतीय वर्ग के लिए प्रासंगिक हों ताकि वे निवेश योग्य बन सकें। इस स्तर की चुनौतियों के लिए ‘मेक इन इंडिया’ समाधान जरूरी हैं।
चिंतन कोठारी, पार्टनर, एट रोड्स वेंचर्स ने बीमा और नियामकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भूमि सब्सिडी, आयकर राहत और अनुकूल डिडक्टिबल्स जैसे वित्तीय प्रोत्साहनों को अहम बताया। कार्तिक नारायणस्वामी, पार्टनर एवं हेड ऑफ इंडिया, नोवो होल्डिंग्स ने कहा कि नवाचार ही वह कारक होगा जिससे इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था टिकाऊ बनेगी। रमणन वेंकटेस्वरण, चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, सिंगुलैरिटी एएमसी ने जोड़ा कि भारत में मूल्य बिंदु ही सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाएंगे। ASLI के सह-संस्थापक और अशियाना हाउसिंग के जेएमडी अंकुर गुप्ता द्वारा संचालित पैनल चर्चा में ऑस्ट्रेलिया और जापान के अनुभव साझा किए गए।
बैरी एशक्रॉफ्ट, सह-संस्थापक एवं सीओओ, अपोलो केयर ऑस्ट्रेलिया ने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार वरिष्ठ देखभाल की 75% लागत वहन करती है, लेकिन देखभाल से लाभ कमाने की अनुमति नहीं है।
मित्सुरु सकोडा, जनरल मैनेजर, सोम्पो केयर इंक. जापान ने कहा कि जापान में 30% आबादी 60 वर्ष से ऊपर है। वहां की तरह भारत को भी अपने सामाजिक और सांस्कृतिक ढांचे पर आधारित मॉडल तैयार करने होंगे।
