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अटल सेतु बना ‘भ्रष्टाचार का सेतु’…डेढ़ साल में ही उखड़ने लगा १८,००० करोड़ रुपए का पुल!.. एमएमआरडीए ने शुरू की मरम्मत

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

१८,००० करोड़ रुपए की लागत से बना देश का सबसे महंगा समुद्री पुल ‘अटल सेतु’ भ्रष्टाचार का सेतु साबित हुआ है। उद्घाटन के महज डेढ़ साल पुल की सड़क पर दरारें, उखड़ी सतह और मरम्मत के गड्ढे दिखने लगे हैं। एमएमआरडीए ने अब पुल की सतह की मरम्मत का काम शुरू किया है, लेकिन जनता इसे मरम्मत नहीं, बल्कि मूर्ख बनाने की कवायद बता रही है। सोशल मीडिया पर नागरिकों ने खुलकर गुस्सा जताया है। कोई इसे करोड़ों का लूट कह रहा है, तो कोई वारंटी अवधि में ढही इंजीनियरिंग बता रहा है। आईआईटी मुंबई के विशेष मार्गदर्शन की दुहाई देकर एमएमआरडीए अपनी छवि बचाने की कोशिश में है। अब लोग इस स्थिति में ठेकेदारों व अफसरों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बताया गया कि नई मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी वाहनों से १०.४ किमी हिस्से में घिसावट पाई गई थी। मानसून में अस्थाई मरम्मत के बाद अब आईआईटी मुंबई  के विशेषज्ञ मार्गदर्शन में फिर काम शुरू हुआ है। अब जनता पूछ रही है कि जब पुल को विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाला बताया गया था तो इतनी जल्दी मरम्मत की नौबत क्यों आई?
ट्रोल हो रहा एमएमआरडीए
एक्स यूजर राहुल ने लिखा है कि पुल को खुले हुए डेढ़ साल भी नहीं हुए इसलिए ठेकेदारों पर जुर्माना लगाओ। देवेश जोशी ने तंज भरे शब्दों में पोस्ट किया है कि १७,००० करोड़ का पुल एक साल में टूट गया? ठेकेदार से मुफ्त में मरम्मत कराओ। तुषार मेहता ने लिखा है कि एकदम नया पुल है और मरम्मत को उपलब्धि बताई जा रही है। इन्हें शर्म आनी चाहिए। गौरव सेक्युलर ने सवाल किया है कि आईआईटी मुंबई के ‘विशेषज्ञ मार्गदर्शन’ का नाम लेकर निकृष्ट काम क्यों छिपा रहे हो?  एक यूजर ने लिखा है कि जनता का पैसा बर्बाद हुआ है, इसलिए  एमएमआरडीए और ठेकेदारों पर आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।  एचवी भारत ने लिखा है कि जो कंपनी पुल बना रही थी, उसे १०० साल के लिए बैन कर देना चाहिए।
‘दुनिया में कोई भी देश ऐसा भ्रष्टाचार सहन नहीं करेगा!’
दुनिया के किसी भी देश में इस तरह का भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा। फेकनाथ मिंधे और भाजपा के शासनकाल में इतना भ्रष्टाचार हुआ है कि अटल सेतु का सड़क कार्य भी इससे अछूता नहीं रहा। इस सेतु का गत वर्ष उद्घाटन किया गया था। इसके बाद कई बार इस पुल की सड़क का काम दोबारा किया गया और अब एमएमआरडीए निर्लज्जतापूर्वक एक बार फिर सड़क कार्य का वीडियो जारी कर रहा है।

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