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ईरान युद्ध का बैड इफेक्ट…रमजान के दौरान दुबई में फल-सब्जियों के वांदे!

-जेबल पोर्ट पर १,००० कंटेनर फंसे

-४ गुना महंगी हुर्इं खाने-पीने की चीजें

-९० फीसदी खाद्यान्न हिंदुस्थान से होता है आयात

-युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद, सप्लाई ठप

सामना संवाददाता / मुंबई

खाड़ी युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज बंद हो गया है। इससे वहां से होनेवाला अंतर्राष्ट्रीय व्यापार ठप पड़ गया है। हालत यह है कि रमजान के दौरान दुबई में फल-सब्जियों के वांदे हो गए हैं। काफी सारे कंटेनर जेबल पोर्ट पर फंसे हुए हैं, वहीं काफी सारे शिपमेंट वापस हो रहे हैं। इस कारण गल्फ के देशों में खाने-पीने की चीजों की किल्लत होने लगी है और उनके दाम कई गुने महंगे हो गए हैं।
बता दें कि महाराष्‍ट्र से काफी चीजें दुबई जाती हैं। युद्ध के कारण निर्यातकों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। एग्री प्रोडक्‍ट्स से जुड़े ८०० से १,००० कंटेनर दुबई के जेबल अली बंदरगाह पर फंसे हुए हैं। २८ फरवरी से ही इनका कामकाज ठप है। कंटेनर अलग-अलग देशों या क्षेत्रों में एक्‍सपोर्ट नहीं हो पा रहे हैं, जिस कारण लाखों-करोड़ों के सामान खराब हो रहे हैं। दुबई का जेबेल अली पोर्ट मिडिल ईस्‍ट का एक प्रमुख बंदरगाह है। यह खाड़ी क्षेत्र में कृषि उत्पादों के वितरण का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
निर्यातकों को भारी नुकसान
फंसे हुए कंटेनरों में मुख्य रूप से केले, अंगूर, अनार, तरबूज, पत्तेदार सब्जियां और प्याज जैसे कम समय तक टिकने वाले कृषि उत्‍पाद हैं। कंटेनर फंस जाने के कारण ये खराब हो रहे हैं, जिसका मतलब है कि निर्यातकों को भारी नुकसान। बंदरगाहों पर मौजूद लगभग ५,००० से ६,००० टन अंगूरों के खराब होने की आशंका है और खेतों में मौजूद निर्यात योग्य गुणवत्ता वाले १०,००० टन अंगूरों को अब स्थानीय स्तर पर घाटे में बेचना पड़ सकता है।

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