-कुवैत, बहरीन में भी हमलों की फोटो लेने की मनाही
-मीडिया में सिर्फ अटकलबाजियों का बाजार गर्म
एजेंसी / लंदन
ईरान-इजराइल युद्ध के दौरान कई देशों ने वॉर रिपोर्टिंग को बैन कर दिया है। इस बात का खुलासा बीबीसी की एक रिपोर्ट से हुआ है। इसके अनुसार, न सिर्फ ईरान, बल्कि कुवैत, बहरीन, इजराइल, यूएई आदि ने भी हमलों के फोटो लेने पर बैन लगा दिया है।
रिपोर्ट ने अनुसार, ईरान में पहले से ही मीडिया पर सख्त नियंत्रण था। अब इंटरनेट को लगभग पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जंग से जुड़ी खबरों पर भी रोक है और सरकार खुद ऐसी कहानी गढ़ रही है, जिससे यह दिखाया जा सके कि उसके ऑपरेशन सफल हो रहे हैं। इजराइल में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उन जगहों की तस्वीरें या वीडियो बहुत कम देखने को मिल रहे हैं, जहां ईरान और हिज्बुल्लाह के मिसाइल और ड्रोन गिर रहे हैं। कई खाड़ी देशों ने भी चेतावनी दी है कि अगर ‘राष्ट्रीय हितों’ को नुकसान पहुंचाने वाली जानकारी प्रकाशित की गई, तो उसके कानूनी नतीजे हो सकते हैं। ईरानी सरकार ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे हमलों से जुड़ी तस्वीरें या वीडियो विदेशी मीडिया को न भेजें, वरना उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पत्रकारों की संस्था ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ ने स्थानीय पत्रकारों के हवाले से बताया है कि अली खामेनेई की मौत के बाद पत्रकारों पर पाबंदियां और सख्त कर दी गई हैं। संस्था के मुताबिक, स्वतंत्र पत्रकारों को हमलों वाली जगहों तक जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। इजराइल जंग के दौरान जानकारी को नियंत्रित करने के लिए कई स्तरों वाला सिस्टम अपनाता है. इसमें सैन्य सेंसरशिप, कानूनी पाबंदियां और देशी-विदेशी पत्रकारों की पहुंच को सीमित करना शामिल है।
