रोखठोक

रोखठोक :   लुटियन्स गए, राजगोपालाचारी आए…मोदी की नई लहर

संजय राऊत आज के प्रधानमंत्री मोदी और उनके लोगों को इतिहास की समझ बिल्कुल नहीं है। स्वतंत्रता की लड़ाई में या इतिहास बनाने के प्रवाह...

रोखठोख : यह एपस्टीन किसका क्या?.. भारत के लिए जैसे महात्मा ही!

संजय राऊत महाराष्ट्र और देश की राजनीति आज किस मोड़ पर आ गई है, इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। एक-दूसरे का चरित्र हनन, कीचड़ उछालना...

रोखठोक :  मूर्खता का नया आत्मविश्वास…स्थानीय निकाय चुनाव में क्या हुआ?..धनशक्ति को पराजित किया.. सुनीता चव्हाण

संजय राऊत महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव का एक चक्र पूरा हो गया है। नगरपालिका, महानगरपालिका एवं जिला परिषद पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत...

रोखठोक : नियति से समझौता तोड़ दिया!

संजय राऊत- कार्यकारी संपादक अमेरिका के साथ व्यापार समझौता देश के साथ सीधा राष्ट्रद्रोह है। १५ अगस्त, १९४७ की मध्यरात्रि को जब देश को स्वतंत्रता...

रोखठोक : पैसों का ही राज आ गया है… विकास शब्द पर बंदी लाओ!

संजय राऊत मुंबई समेत २९ महानगरपालिकाओं के नतीजे आए समय हो गया। मुंबई में शिवसेना-मनसे की सत्ता नहीं आई, लेकिन भाजपा की सत्ता पर अंकुश...

रोखठोक : हराम के पैसों की खनखनाहट

संजय राऊत यह लेख लिखते समय, मुंबई समेत २९ महानगरपालिकाओं के नतीजे आ चुके हैं। अब तक मुंबई पर ‘ठाकरे' यानी शिवसेना की सत्ता थी।...

रोखठोक : पहले फांसी, फिर जांच

संजय राऊत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक सनकी और साइको व्यक्तित्व हैं, इस बात पर किसी को शंका करने की कोई वजह नहीं है।...

रोखठोक : निष्ठावानों का दलबदल, गुंडा टोलियों की ‘राष्ट्रवादी’… मराठी माणुस को लड़ना होगा

संजय राऊत मुंबई समेत महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों की तस्वीर साफ हो गई है। जिन्हें उम्मीदवारी नहीं मिली, ऐसे सभी पार्टियों के ‘निष्ठावान' कार्यकर्ताओं ने...

रोखठोक : अस्त होते साल का गुजरता तूफान…

संजय राऊत- कार्यकारी संपादक २०२५, तूफानी घटनाओं से भरा यह साल अपने समापन पर है। जब प्रधानमंत्री मोदी ७५ वर्ष के हुए तब कई लोगों...

रोखठोक : गांधी! गांधी! गांधी! जी रामजी!

संजय राऊत ‘देश की सेवा में अपना शरीर बलिदान करनेवाले व्यक्ति को मृत्यु के बाद भी कोई नहीं भूलता।' - गांधी (८-८-१९२०) गांधी जी ने राष्ट्र की...

रोखठोक :  दिल्ली का ‘पुतिन’ महोत्सव… वे आए और चले गए!

संजय राऊत रशियन राष्ट्रपति पुतिन का ४ तारीख को दिल्ली में आगमन हुआ। हमेशा की तरह प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को गले लगाया और अगले...

रोखठोक : डॉ. आंबेडकर के महाराष्ट्र पर उपकार!

संजय राऊत कल ६ दिसंबर बीत गया! इसी दिन, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर हमें शारीरिक रूप से छोड़कर चले गए, लेकिन उनके विचार अभी भी जिंदा...

रोखठोक :  नासिक का कुंभ मेला! सारे ठेके गुजरात को! … व्यर्थ गए तुका, व्यर्थ ज्ञानेश्वर

संजय राऊत कार्यकारी संपादक नासिक के कुंभ मेले के लिए २५ हजार करोड़ रुपए गिरीश महाजन ने अपनी जेब में डाल लिए, लेकिन यह सारा...

रोखठोक : बिहार में ‘बेईमानी’ की जीत!… ज्ञानेश कुमार का जनादेश

संजय राऊत- कार्यकारी संपादक बिहार में भाजपा वगैरह की जीत के बाद भी जीत का जश्न दिखाई नहीं दिया। महाराष्ट्र में भी भाजपा की जीत...

रोखठोक : …फिर अपना क्या?

संजय राऊत-कार्यकारी संपादक महार वतन की जमीन पार्थ पवार की जेब में कैसे गई, इसका खुलासा हो गया है। महाराष्ट्र में कीमती जमीनें अमीरों की...
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