भाषा प्रांत धर्म का टंटा।
चलो जलाएं होली में।।
जहां प्रेम है, वहीं पहुंच कर।
हाथ मिलाएं होली में।।
करें होलिका दहन आज हम।
नाचें कूदें होली में।।
सब रंगों...
बरसाने में होली
ब्रज की गलियों में ग्वाल बाल संग
कान्हा ने खेली होली।
बहुत अबीर गुलाल उड़ायो
धूम मचायो, रंग लगायो
गोपिन संग की बरजोरी।
कान्हा अब चलें बरसाने
मैं...
मेरे प्यार का ये अफसाना, तौबा-तौबा
गलती का भरिए जुर्माना, तौबा-तौबा
मैं तो समझा था खुशखबरी आएगी
इतना ज्यादा टैक्स बढ़ाना, तौबा-तौबा
झोली भर-भरकर हम सबने वोट किया
ऐसा...
शिव को अर्पण
संग गंग गले नाग,
नहीं क्रोध नहीं राग,
बैठे हैं बाबा विराग,
शंकर भंडारी हैं l
गाड़ दिया है त्रिशूल,
नाश करे शत्रु मूल,
नहीं तुम जाना भूल,
भोले...