अंधेरी और जुहू के बाद केंप्स कॉर्नर में भी लॉकर खाली
बैंक प्रशासन झाड़ रहा है पल्ला, पुलिस में शिकायतें दर्ज
फिरोज खान / मुंबई
मुंबई के बैंक के लॉकर्स पर इन दिनों खतरा मंडरा रहा है। बैंकों की लापरवाही के चलते लॉकर्स में चोरी, धोखाधड़ी और लूट मची हुई है। हाल ही में कई बैंक के लॉकर्स में से माल गायब होने की घटनाएं सामने आई हैं। ताजा मामला केंप्स कॉर्नर के एक बैंक लॉकर का है। जब बैंक मैनेजर ने इस मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया तो ग्राहक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
कुछ दिन पहले अंधेरी, और जुहू में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में जानकारों का कहना है कि जिन लोगों ने अपने सामान या कीमती चीजें बैंक लॉकर्स में रखी हैं, वे समय-समय पर वहां जाकर जांच करते रहें। क्योंकि जब बैंक लापरवाही बरत रहे हैं तो ग्राहक को जागरूक होना ही पड़ेगा।
मिली जानकारी के अनुसार, केंप्स कॉर्नर स्थित नेशनलाइज बैंक के लॉकर से ४५ लाख रुपए के जेवरात गायब हो गए हैं। चोरी हुए जेवरात एक बुजुर्ग दंपति के थे। बैंक मैनेजर से बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई हल नहीं निकला तो बुजुर्ग ने गांवदेवी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने जांच तो शुरू कर दी है, लेकिन अब तक लॉकर से गायब लाखों के जेवरात का पता नहीं चल सका है।
ज्वेलरी का पाउच गायब
अमेरिका से लौटने के बाद बुजुर्ग दंपति को जब अपनी प्रॉपर्टी के कागजात की जरूरत पड़ी तो वह बैंक पहुंचे और अपना लॉकर खोला तो देखकर हैरान रह गए। जिस पाउच में उन्होंने ज्वेलरी रखी थी, वह पाउच गायब था।
गत वर्ष रखे थे जेवरात
७० साल के मोहम्मद ताहीर मलबार हिल इलाके में रहते हैं। उन्होंने केंप्स कॉर्नर, अल्टामाउंट रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच में लॉकर ले रखा था। पिछले साल अमेरिका जाने से पहले १३ मई २०२५ को उन्होंने बैंक लॉकर में सोने और हीरे के जेवरात सुरक्षा के मद्देनजर रख दिए थे। उसकी कुल कीमत तकरीबन ४५ लाख रुपए थी। तब उन्हें पता नहीं था कि उनके वे जेवरात सुरक्षित नहीं रहेंगे।
बैंक कर्मचारी ही लॉकर्स से गायब करते हैं सामान!
हाल के दिनों में मुंबई के कई लॉकर्स में चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने जब मामले की जांच की तो इसमें बैंक की लापरवाही सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इन मामलों की जांच में सामने आया है कि अधिकांश मामलों में बैंक कर्मचारी ही शामिल हैं।
केंप्स कॉर्नर के बैंक ब्रांच में जिस लॉकर से जेवरात गायब हुए हैं, उसकी पुलिस जांच कर रही है। जब लॉकर खाली मिला तो पीड़ित ताहिर ने फौरन ब्रांच मैनेजर को बताया। मैनेजर ने पता करने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा। इस तरह कई दिन बीत जाने और कई चक्कर लगाने के बाद भी बैंक की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। तंग आकर ताहिर ने गांवदेवी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है।
बता दें कि बैंक लॉकर्स से कीमती सामान चोरी होने की कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले दिसंबर २०२५ में अंधेरी के एक निजी बैंक में रिनोवेशन के दौरान सुरक्षा चूक के कारण ८ लॉकर्स से लगभग २.५ करोड़ रुपए के गहने गायब हो गए थे। साल २०२५ में ही जुहू स्थित एक निजी बैंक के लॉकर से ३६ लाख रुपए के गहने गायब हो गए थे, जिसकी शिकायत डीएन नगर पुलिस स्टेशन में की गई थी।
आरबीआई का नियम
यदि बैंक की लापरवाही, डकैती, आग या कर्मचारी की धोखाधड़ी से लॉकर का सामान चोरी होता है तो बैंक को मुआवजा देना होगा। यह मुआवजा लॉकर के वार्षिक किराए का १०० गुना तक हो सकता है। बैंक यह नहीं कह सकते कि लॉकर में क्या था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। लॉकर एग्रीमेंट के तहत बैंक अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते। अगर लॉकर से सामान गायब मिले तो तुरंत बैंक प्रबंधन को सूचित करें और नजदीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराएं।
