एक दिन में निवेशकों के १३ लाख करोड़ डूबे
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भी बढ़ा दबाव
सामना संवाददाता / मुंबई
खाड़ी युद्ध के दौरान देश में तेल और गैस की किल्लत ने लोगों को बेचैन कर दिया है। इसका असर बाजार पर हुआ। कल गुरुवार को शेयर बाजार में बड़ी सुनामी देखने को मिली। एक झटके में शेयर बाजार में निवेशकों के १३ लाख करोड़ डूब गए। जानकारों के अनुसार, बाजार में खाड़ी युद्ध के साइड इफेक्ट के कारण यह भागमभाग मची।
बता दें कि कल बीएसई का सेंसेक्स २,७०० अंक तक गिरा, वहीं एनएसई के निफ्टी में ७०० से ज्यादा अंकों की गिरावट देखने को मिली। बाजार की इस गिरावट में निवेशकों की बड़ी रकम डूब गई। क्रूड ऑयल का
सेंसेक्स में ३.२६ फीसदी की गिरावट दर्ज
क्रूड ऑयल का भाव ११६ डॉलर होते ही
बाजार में मचा हाहाकार!
कल शेयर बाजार में भारी सुनामी आई, जिससे बाजार में जबरदस्त गिरावट आई। इस गिरावट की वजह से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्वेâट वैâप लगभग ४२६ लाख करोड़ रुपए पर आ गया था। कच्चे तेल की कीमत फिर से ११६ डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने और होर्मुज स्ट्रेट बंद रहने से यह तेजी आई। कतर की बड़ी तेल कंपनी ने बताया कि ईरान के मिसाइल हमले से एलएनजी प्लांट को काफी नुकसान हुआ, वहीं यूएई ने भी गैस पैâसिलिटी बंद कर दी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर फिर हमला हुआ तो बड़ा जवाब दिया जाएगा। इसका असर अमेरिका में भी देखने को मिला। अमेरिक के फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि महंगाई उम्मीद के मुताबिक कम नहीं हो रही है। फेड ने ब्याज दर ३.५०-३.७५ फीसदी पर रखी और इस साल सिर्फ एक बार कटौती का संकेत दिया। फेड का अनुमान है कि साल के अंत तक महंगाई २.७ फीसदी रह सकती है, जो पहले के अनुमान से ज्यादा है।
