सूरज
मुंबई में रिपोर्टर का जीवन हमेशा भागदौड़ भरा होता है। कभी कोर्ट, कभी पुलिस स्टेशन तो कभी किसी कार्यक्रम की कवरेज दिन कब शुरू होता है और कब खत्म हो जाता है, पता ही नहीं चलता। ऐसे में कई बार पूरा दिन वड़ा-पाव और समोसे के सहारे ही निकल जाता है।
१३ मार्च का दिन भी कुछ ऐसा ही रहा। उस दिन मुझे दिंडोशी कोर्ट जाना था। घर से निकलते समय पत्नी ने पांच बार आवाज लगाकर कहा, ‘टिफिन साथ ले जाइए।’ लेकिन शायद कई पतियों की तरह मुझे भी लगा कि अगर पत्नी की हर बात मान ली तो कहीं ‘पुरुषार्थ’ पर सवाल न उठ जाए। सो, मैंने उनकी सलाह को हल्के में लिया और जल्दी-जल्दी घर से निकल पड़ा।
सुबह की सैर के दौरान ही चाय वाले ने चेतावनी दे दी थी, ‘साहब, गैस सिलिंडर खत्म होनेवाला है, कल से चाय भी बंद हो सकती है।’ हमारे गार्डन ग्रुप में रोज ८-१० लोग, उर्वस मर्चेंट, पटेल साहब, लोढ़ा जी, आशीष पाठक, महेश भाई, राजू भाई और बबलू जी, एक साथ बैठकर चाय या कॉफी पीते हैं, लेकिन उस समय मैंने इस बात को भी गंभीरता से नहीं लिया।
दिंडोशी कोर्ट से दोपहर में लौटते समय पेट में चूहे कूद रहे थे। मैं सीधे अपने अंधेरी स्थित कार्यालय, कोलडोंगरी इलाके में पहुंचा और सोचा कि पास के बनारसी होटल में चाय और समोसे से भूख मिटा ली जाए। यह होटल हमेशा भीड़ से भरा रहता है। पास में एयर होस्टेस ट्रेनिंग देने वाली एक बड़ी संस्था है, जहां की प्रशिक्षु लड़कियां भी अक्सर वहीं समोसे खाने आती हैं। लेकिन उस दिन नजारा कुछ अलग था। काउंटर पूरी तरह खाली पड़ा था। मैंने दुकानदार से कहा, ‘भैया, दो समोसे दे दीजिए।’ दुकानदार ने बेबसी से जवाब दिया, ‘साहब, गैस ही नहीं है। जब तक सिलिंडर नहीं आएगा, तब तक समोसा भी नहीं मिलेगा।’
उस समय मुझे सुबह चाय वाले की बात याद आ गई। खाड़ी युद्ध के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की चर्चा चल ही रही थी और उसका असर अब मुंबई के समोसे तक पहुंच गया था।
भूख से बेहाल होकर आखिरकार मुझे खाली हाथ ही घर लौटना पड़ा। घर पहुंचते ही मैंने पत्नी से कहा, ‘सुबह जो टिफिन दे रही थीं, वह दे दीजिए।’ पत्नी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘अब वह टिफिन तो मैंने ही खा लिया।’
उस दिन मुझे एक बड़ी सीख मिली। खाड़ी युद्ध हो या गैस संकट, इन सबसे बड़ा सच यह है कि कभी-कभी पत्नी की सलाह मान लेना ही सबसे समझदारी भरा पैâसला होता है और एक रिपोर्टर के जीवन में वड़ा-पाव और समोसे से भी बड़ा सच यही है कि घर से निकलते समय टिफिन साथ ले जाना।
