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लोकल ट्रेनों में भी कॉकरोच का लोचा!..उपनगरीय ट्रेनों की सप्लाई पर रेलवे का नहीं है ध्यान…ठेकेदार बरत रहे हैं लापरवाही; यात्रियों में आक्रोश

जेदवी / मुंबई

कॉकरोच ऐसे जीव हैं, जो कहीं भी पनपते हैं और गंदगी पैâलाते हैं। मगर हैरानी की बात है कि अब मुंबई की लोकल ट्रेनों में भी कॉकरोच का लोचा देखने को मिल रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि रेलवे का ध्यान उपनगरीय ट्रेनों की सफाई पर नहीं है इसलिए वहां कॉकरोच पैदा हो गए हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोकल में सफर करने वाले यात्रियों के शरीर पर ये कॉकरोच उड़कर आ जा रहे हैं। ऐसे में यात्रियों को सीट पर बैठने से पहले कई बार इधर-उधर झांककर देखना पड़ता है कि वहां कॉकरोच तो नहीं हैं।
गंभीर बीमारियां फैलाते हैं कॉकरोच!
पश्चिम उपनगर की लोकल ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों की शिकायत है कि डिब्बों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सीटों के नीचे, कोनों में और यहां तक कि खिड़कियों के आसपास कॉकरोच रेंगते और उड़ते दिखाई देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कॉकरोच से एलर्जी, फूड पॉइजनिंग, अस्थमा और कई तरह के संक्रमण पैâलने का खतरा रहता है। रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले डिब्बों में यदि यही हाल रहा तो यह समस्या गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
मीरा रोड से फर्स्ट क्लास में रोजाना सफर करने वाली यात्री रेणुका मोरे का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में स्थिति और भी खराब हो गई है। उनके मुताबिक, पहले कभी-कभार कॉकरोच दिखाई देते थे, लेकिन अब तो डिब्बों में उनकी संख्या काफी बढ़ गई है।
एक अन्य यात्री संगीता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि रेलवे फर्स्ट क्लास यात्रियों से सामान्य डिब्बों के मुकाबले लगभग तीन गुना ज्यादा किराया वसूलती है। पर डिब्बों में गंदगी और कॉकरोचों की भरमार से यात्रा और भी मुश्किल हो गई है। इस मामले में पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क विभाग का कहना है कि सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी ठेकेदारों की है। विभाग का कहना है कि ट्रेनों की सफाई का काम ठेकेदारों के माध्यम से किया जाता है और जब ट्रेन कारशेड में जाती है, तभी उसकी सफाई की जाती है।

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