केंद्र व राज्य की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन की ‘हर घर नल’ योजना ने अयोध्या के बीकापुर विकासखंड समेत अयोध्या क्षेत्र में अपने पहले चरण में ही कई गंभीर कमियों और भ्रष्टाचार के संकेतों के मुद्दों को जन्म दिया है। अधिकारियों की उदासीनता और गुणवत्ता नियंत्रण में खामियों के चलते योजना भूमि पर पूरी तरह लागू नहीं हो पा रही है। योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद कई स्थानों पर पानी की टंकियों का निर्माण अधूरा है और अनेक जगह पाइपलाइन बिछाना भी शुरू नहीं हो पाया है।
बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में योजनाओं को लेकर कई ऐसे मामले सामने आए है, जहां ग्रामीण क्षेत्र में ‘हर घर नल’ के लक्ष्यों की प्राप्ति अपेक्षित गति से नहीं हो पा रही है। भू‑स्तर पर कार्यों की धीमी प्रगति, अधूरे निर्माण, पाइपलाइन लीकेज और विभागीय उदासीनता को लेकर स्थानीय हितधारकों में नाराजगी है। क्षेत्र के कई ग्राम प्रधानों ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि आधा-अधूरा निर्माण कार्य होने के बावजूद, संबंधित अधिकारी `हैंडओवर’ (सौंपने) के लिए दबाव डाल रहे हैं। ग्राम प्रधानों का कहना है कि इससे न केवल उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि भविष्य में पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पहले ट्रायल में ही पानी सप्लाई फेल
अमावां मुमारिच नगर में पहले ही ट्रायल में सप्लाई फेल हो गई। इसमें गृह जल संयोजन की संख्या ५४९ है। इससे १०७१ ग्रामीण लाभान्वित होंगे। प्रधान प्रतिनिधि मो. मोबीन ने बताया कि घटिया निर्माण के चलते पानी की टंकी की बाउंड्री कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। पाइप लाइन सप्लाई शुरू होने पर कई जगह लीकेज हो रही है। उन्होंने बिना कार्य पूरा हुए हैंडओवर से इनकार कर दिया।
