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४२ दिनों तक बुजुर्ग डिजिटल अरेस्ट … साइबर अपराधियों ने की सवा करोड़ की ठगी

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में दो बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट करके तकरीबन सवा करोड़ का सायबर प्रâॉड किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि एक ६५ साल के बुजुर्ग को ४२ दिनों तक डिजिटल अरेस्ट बनाकर रखा और ४० लाख रुपए का प्रâॉड किया। पीड़ित को मुंबई पुलिस का डर दिखाकर ठगा गया। दूसरी घटना में ७४ साल के बूढ़े शख्स को सायबर अपराधियों ने टारगेट किया। अपने आपको सीबीआई अफसर बताकर डिजिटल अरेस्ट किया और ७६ लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
पहली घटना भांडुप इलाके से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जहां साइबर जालसाजों ने मुंबई पुलिस बनकर ६५ साल के रिटायर्ड बेस्ट कर्मचारी को ४२ दिनों तक डिजिटली `गिरफ्तार’ किया और उनसे ३९.६० लाख रुपए ठग लिए। साइबर सेल के मुताबिक, आरोपियों ने मुंबई पुलिस का अफसर बनकर पीड़ित से कॉन्ट्रेक्ट किया और उसे एक नकली मनी लॉन्ड्रिंग केस के सिलसिले में धमकाया। जालसाजों ने कथित तौर पर बुजुर्ग आदमी को डराया और उसे यकीन दिलाया कि उसकी जांच चल रही है। पुलिस ने कहा कि पीड़ित को ४२ दिनों तक जालसाजों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके रखा। इस दौरान, आरोपियों ने उसे बार-बार धमकाया और दबाव डाला। इस दबाव में आकर पीड़ित ने धोखेबाजों के बताए अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने स्कीम के तहत उससे उसका सोना भी गिरवी रखवा लिया। घटना के बाद मुंबई साइबर सेल ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इसी तरह दहिसर के एक ७४ साल के रहने वाले से ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर फ्राॅड में ७६ लाख की ठगी की है। इसमें स्वैâमर्स ने पुलिस और सीबीआई अधिकारी बनकर उनसे कई बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। पुलिस के मुताबिक, शिकायत करने वाले को एक आदमी का कॉल आया जिसने खुद को बंगलुरु पुलिस ऑफिसर बताया और कहा कि पीड़ित का फोन नंबर किसी क्रिमिनल एक्टिविटी से जुड़ा है। धोखेबाजों ने नकली अरेस्ट और सीजर वॉरंट भी भेजे और सीनियर सिटिजन से उनके बैंक अकाउंट बैलेंस को `वेरिफाई’ करने के लिए पैसे ट्रांसफर करने को कहा। दावों पर यकीन करके, उन्होंने तीन ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में ७६ लाख ट्रांसफर कर दिए। बाद में पीड़ित को अहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है और उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

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