सामना संवाददाता / मुंबई
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद देश की सियासत गरमा गई है। केंद्रीय चुनाव आयोग की प्रेस काॅन्फ्रेंस के तुरंत बाद शिवसेना नेता और युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि खुद चुनाव आयोग ही देश के लोकतंत्र का मजाक बना रहा है। केंदीय चुनाव आयोग ने कल नई दिल्ली में प्रेस काॅन्फ्रेंस कर असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान किया। इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल आगामी मई-जून में खत्म होने वाला है। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में, जबकि असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में एक ही चरण में वोटिंग कराई जाएगी। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग मुक्त, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनके इसी बयान पर आदित्य ठाकरे ने सख्त नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा करते हुए चुनाव आयोग पर कटाक्ष किया।
चुनाव आयोग का ‘कॉमेडी शो’
जब हम मुख्य चुनाव आयुक्त के मुंह से ‘मुक्त, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव’ या ‘चुनाव आयोग की निष्पक्ष कार्यप्रणाली’ जैसे शब्द सुनते हैं तो शुरुआत में लगता है जैसे हम कोई कॉमेडी शो देख रहे हों। लेकिन फिर याद आता है कि असल में चुनाव आयोग ने ही हमारे लोकतंत्र का मजाक बना दिया है। आदित्य ठाकरे के इस तीखे बयान के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
