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फोकस : मनपा की ‘पिक एंड चूज’ पॉलिसी सवालों के घेरे में … मीरा-भायंदर महानगर पालिका

सुरेश गोलानी

अवैध निर्माणों से संबंधित शिकायतों में वृद्धि से परेशान मीरा-भायंदर महानगर पालिका के अतिक्रमण-विरोधी दस्तों ने अवैध ढांचों को हटाने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू करने का दावा किया है।
पिछले दो हफ्तों में मनपा ने प्रभाग अधिकारियों की अगुवाई में कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) के अंतर्गत आनेवाली भूमि पर मैंग्रोव्ज को नष्ट करके अवैध रूप से निर्मित कई बारों सहित सैकड़ों अनधिकृत ढांचों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया। हालांकि, कुछ प्रभाग अधिकारियों और कनिष्ठ इंजीनियरों द्वारा कथित रूप से अपनायी जा रही ‘पिक एंड चूज’ (चुनिंदा) पॉलिसी के चलते इस तोड़क अभियान की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि मनपा में विराजमान कुछ भ्रष्ट अधिकारी केवल चुनिंदा निर्माणकार्यों को मनमानी रूप से अपने निजी आर्थिक स्वार्थ के लिए निशाना बनाकर दिखावटी कार्रवाई करके नरमी बरत रहे हैं। ऐसे भी कई अवैध निर्माण हैं जिन के खिलाफ औपचारिक शिकायत प्राप्त होने के बावजूद कार्रवाई के नाम सिर्फ नोटिस जारी कर फाइलों को दबा दिया जाता है। ज्ञात हो कि संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से सटे पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों, मैंग्रोव्ज वन भूमि और मनपा की आरक्षित जमीनों पर खुलेआम चल रहा निर्माण कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
गौरतलब है कि शहर में ऐसे भी सैकड़ों की संख्या में अवैध निर्माण है, जिनका न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) खारिज करने के बावजूद मनपा अधिकारी उन पर तोड़क कार्रवाई करने में हिचकिचाकर खुलेआम कानून की अवहेलना कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस प्रकार की भेदभावपूर्ण तोड़क कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार और मनपाओं को कई बार फटकार लगाई है।

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