•प्रकरण को लेकर बीजेपी में रार, विधायकों में आरोप-प्रत्यारोप
* राणा को दी क्लीन चिट बीजेपी एमएलसी देवेंद्र प्रताप ने.. फोड़ा सदर विधायक के सिर पर ठीकरा, लगाए गंभीर इल्ज़ाम
विक्रम सिंह/ सुल्तानपुर
एक वक्त योगी सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री (अध्यक्ष, राज्य बीज विकास निगम) रह चुके राणा अजीत प्रताप सिंह को योगी की पुलिस ने ही फायरिंग, घर में घुसकर मारपीट और बवाल करने के मामले में पुत्र व भतीजे समेत नाप दिया है। वारदात के कुछ ही समय बाद पूर्व राज्य मंत्री को आधा दर्जन लोगों के साथ न सिर्फ अरेस्ट कर जेल भेज दिया गया बल्कि उनके लाइसेंसी असलहे भी जब्त कर लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस सनसनीखेज वारदात को लेकर पूर्वांचल की ‘भाजपा राजनीति’ में उबाल आ गया है। अपनी आक्रामक शैली की राजनीति के लिये मशहूर गोरखपुर-अयोध्या स्नातक क्षेत्र के बीजेपी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह तो राणा अजीत को क्लीनचिट देकर अपनी ही पार्टी के सिंबल से चुनाव जीतने वाले सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय के माथे पर वारदात का ठीकरा फोड़ दिया है। उन्होंने सुभासपा के सदर विद्यायक उपाध्याय पर गंभीर इल्ज़ाम लगाया है कि वे क्षेत्रीय वर्चस्व के लिये राणा को जबरन फर्जी मामलों में फंसा रहे हैं। फिलहाल वारदात को लेकर सुल्तानपुर की पुलिस कप्तान चारु निगम का गुस्सा सातवें आसमान पर है। दोषियों पर कड़े एक्शन की बात कहते हुए उन्होंने वारदात को लेकर ढिलाई बरतने वाले थानेदार को सस्पेंड कर दिया है और सीओ के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
घटना सुल्तानपुर के अखंडनगर थानांतर्गत कल्याणपुर गांव की है। इस गांव में पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे को लेकर एक यादव परिवार में चचेरे भाइयों के मध्य रंजिश चली आ रही है। इन्हीं में से एक पक्ष का युवक गांव के ही पड़ोसी पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह का वाहन चालक है। बताया जाता है कि वहीं द्वितीय पक्ष को स्थानीय सत्ता समर्थित विधायक राजप्रसाद उपाध्याय का वरदहस्त प्राप्त है। बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों में शनिवार से विवाद बढ़ गया। पहले तो पुलिस ने मामूली झगड़े को शांत करा दिया लेकिन रविवार की सुबह नौ बजे पुनः मामला उस वक़्त बढ़ गया जब लाठी डंडे व असलहों से लैस बाहरी लोगों को लेकर एक पक्ष कब्जेदारी की नीयत से मौके पर बवाल करने चढ़ आया। आरोप है कि फायरिंग और मारपीट में करीब आधा दर्जन कमलेश यादव, विपुल यादव, शोभावती, रोशनी यादव, संजय यादव और प्रांकुर यादव आदि घायल हो गए। दो ट्रामा सेंटर ले जाए गए। अन्य को सीएचसी में भर्ती कराया गया। बवाल बढ़ गया तो पुलिस कप्तान चारु निगम को खबर मिली। वे मौके पर ही आ धमकीं। अखंड नगर एसएचओ एसके सिंह को वारदात ‘अंडर एस्टीमेट’ करने, उच्चाधिकारियों को गलत सूचना देने आदि के आरोप में तत्काल निलंबित कर दिया और सीओ विनय गौतम के खिलाफ भी जांच के आदेश देकर पीड़ित पक्ष की ओर से नामजद केस दर्ज आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दे दिए। एक्शन में आई पुलिस ने वारदात की वीडियो फुटेज आदि संकलित कर नामजद आरोपी पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राणा अजीत प्रताप ,अभिजीत सिंह राणा, अभिषेक राणा, संजीत यादव, आदित्य सिंह मार्शल, ऋतिक राय और विक्कू सिंह आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर सोमवार की सुबह सीजेएम के समक्ष पेश किया। जहां से सभी आरोपी सप्ताह भर की रिमांड पर जेल भेज दिए गए।
