-कई प्रमुख घ्न्न्इ सेंटर थे खरीदार
फिरोज खान / मुंबई
विरार में स्पर्म की स्मगलिंग मामले में कई बड़े खुलासे हुए हैं। इन स्मगलर्स को आपसी बोलचाल की भाषा में विकी डोनर कहा जा रहा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इन विकी डोनर्स का जाल देश के कई राज्यों में पैâला हुआ था।
पकड़े गए आरोपी मुंबई, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार के आईवीएफ सेंटरों को स्मगलिंग के जरिए मेल स्पर्म की खरीद-फरोख्त करते थे। आरोपी १० से १५ हजार रुपए में स्पर्म खरीदते थे और अपना कमीशन रखकर उसे ३० से ४० हजार रुपए में बेचते थे। पुलिस सूत्रों ने बताया यही स्पर्म की कीमत आखिर में ७० हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक पंहुच जाती थी। जांच कर रहे पुलिस अधिकारी का कहना है पकड़े गए आरोपी तो सिर्फ मोहरे हैं। इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड कोई और है और जल्द ही पुलिस उसे भी पकड़ने में कामयाब होगी। पुलिस का यह भी मानना है यह रैकेट कई बड़ी हस्तियों के सपोर्ट से चल रहा था।
पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला है कि आरोपियों ने न तो फर्टिलिटी सेंटर चलाने की परमिशन ली थी और न ही दुकान को जरूरी कानूनों के तहत रजिस्टर कराया था। उन्होंने आगे बताया कि प्रâोजन सीमेन सैंपल कई जगहों से मांग पर मंगवाए जाते थे, जिसमें दिल्ली, रांची और पटना के सीमेन बैंक शामिल हैं। इन सैंपल को क्रायोजेनिक कंटेनर में स्टोर करके डॉक्टरों को मुनाफे के लिए बेचा जाता था।
