-मूंगफली से लेकर सोयाबीन की कीमतें उछलीं
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
ईरान-इजराइल युद्ध की तपिश अब महाराष्ट्र की रसोई तक पहुंच गई है। खाड़ी देशों में बरस रहे बमों का सीधा असर आम आदमी के तड़के पर पड़ रहा है, जहां खाद्य तेलों की आसमान छूती कीमतों ने जनता का ‘तेल’ निकाल दिया है। विधान परिषद में महंगाई का मुद्दा गूंजते ही खाद्य आपूर्ति व नागरिक मंत्री छगन भुजबल ने कीमतों का कच्चा चिट्ठा पेश किया, जिसमें उन्होंने बताया कि महज एक महीने के भीतर ही मूंगफली और सोयाबीन सहित अन्य खाद्य तेलों में तीन से १३ रुपए तक का भारी उछाल दर्ज किया गया है। युद्ध के चलते बिगड़े रसोई के इस गणित ने मध्यम वर्ग की चिंता बढ़ा दी है और आम जनता की थाली से स्वाद गायब होने लगा है।
अभिजीत वंजारी के मुद्दे पर जवाब देते हुए भुजबल ने बताया कि घरेलू गैस की कीमत में पिछले महीने ८५२.५० रुपए से बढ़कर ९१२.५० रुपए तक वृद्धि हुई है, वहीं व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत १,७२०.५० रुपए से बढ़कर १,८३५ रुपए हो गई है। उन्होंने कहा कि एलपीजी का उत्पादन बढ़ाकर ९,००० मीट्रिक टन से ११,००० मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया गया है।
पेट्रोल पंप से किरोसिन ले जाइए
भुजबल ने बताया कि आपात स्थिति को देखते हुए किरोसिन का उपयोग भी शुरू किया जा सकता है। पहले उज्ज्वला योजना के कारण इसका वितरण बंद कर दिया गया था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हाई कोर्ट को सूचित कर लोगों के उपयोग के लिए किरोसिन पेट्रोल पंप के जरिए उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। केंद्र के आदेशानुसार राज्य को ३,४८४ किलोलीटर किरोसिन का आवंटन किया गया है।
