सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में बुनियादी समस्याओं का अंबार लगा है। सड़कें टूटी हैं, बारिश में हर साल शहर डूब जाता है, लेकिन इन सबके बीच मुंबई की महापौर का फोकस अब शेर लाने पर है। महापौर रितू तावडे ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर मांग की है कि गुजरात के जूनागढ़ स्थित जू से एशियाई शेरों की एक जोड़ी मुंबई को दी जाए। ये शेर मुंबई के प्रसिद्ध प्राणी संग्रहालय रानीबाग में लाने की योजना है।
बताया जा रहा है कि मुंबई के इस चिड़ियाघर में पिछले चार वर्षों से शेर नहीं हैं। शेर लाने के लिए पहले विदेश से कोशिश की गई, लेकिन पिछले चार वर्षों से नाकाम साबित हुई मनपा अब गुजरात की शरण में पहुंची है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए महापौर ने सीधे गुजरात सरकार से मदद मांगी है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि अगर जूनागढ़ के सक्करबाग चिड़ियाघर से शेरों की जोड़ी मिल जाए तो इससे मुंबई के चिड़ियाघर की जैव विविधता और पर्यटन दोनों बढ़ेंगे। सूत्रों के अनुसार, यदि गुजरात शेर देने को तैयार होता है तो बदले में मुंबई को कुछ जानवर या पक्षी देने पड़ेंगे। इसके लिए मनपा अधिकारियों ने पेंग्विन समेत कुछ पक्षियों की सूची भी तैयार कर गुजरात सरकार को भेजी है। हालांकि, इस मांग के सामने आते ही महापौर की प्राथमिकताओं पर सवाल उठने लगे हैं। शहर में हर साल बारिश के दौरान बाढ़, गड्ढों से भरी सड़कें, कचरे की समस्या और ट्रैफिक जाम जैसी गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं। ऐसे में आलोचकों का कहना है कि मुंबई की जनता बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद कर रही है, जबकि मेयर का ध्यान शेर मंगाने पर लगा है।
रानीबाग में कई जानवर
रानीबाग में बाघों की जोड़ी, भालू, हिरण, अजगर, लकड़बग्घा, हाथी, बंदर, सैकड़ों प्रकार के पक्षी और पेंग्विन मौजूद हैं। यहां १३ प्रजातियों के ८४ स्तनधारी, १९ प्रजातियों के १५७ पक्षी और हजारों पेड़-पौधे भी हैं।
