सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को मुंबई में ही उनका हक का घर मिलना चाहिए। इस मांग को लेकर शिवसेना नेता और युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि पुलिस परिवारों पर लगाया गया दंडात्मक शुल्क भी तुरंत रद्द किया जाए और उनके लिए घर के मुद्दे पर ठोस निर्णय लिया जाए।
इस मुद्दे पर गृह विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। बैठक से पहले आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पर यह मांग रखते हुए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हम अपनी मांगों पर अडिग हैं, अब समिति नहीं बल्कि ठोस पैâसला चाहिए। आदित्य ठाकरे ने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार के समय यह शुल्क नाममात्र रखा गया था इसलिए उसी नीति को जारी रखते हुए बढ़ाया गया दंड तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने उक्त कमेटी की बैठक का स्वागत करते हुए कहा कि चलो यह मामला एक कदम आगे तो बढ़ा, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि जब तक पुलिस परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
